Kunwar Bai Dhamtari: बकरी बेचकर शौचालय बनाने वाली धमतरी की स्वच्छता दूत स्व. कुंवर बाई की प्रतिमा का होगा अनावरण, मुख्यमंत्री साय से हुई चर्चा

धमतरी जिले की प्रसिद्ध शख्सियत और स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसडर स्वर्गीय कुंवर बाई की यादों को सहेजने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। उनकी स्मृति में जल्द ही एक प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इस कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य पं. राजेश शर्मा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। मुख्यमंत्री निवास में हुई इस चर्चा के दौरान कार्यक्रम को भव्य बनाने और इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से बात हुई।

मुख्यमंत्री के साथ कार्यक्रम की तैयारियों पर मंथन

पं. राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को प्रतिमा अनावरण समारोह के आयोजन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुंवर बाई का योगदान केवल एक जिले तक सीमित नहीं है बल्कि वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना की और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस बैठक के दौरान क्षेत्र में चल रही अन्य विकास योजनाओं और शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के जमीनी असर पर भी चर्चा की गई।

कोटाभर्री गांव से निकली स्वच्छता की अनोखी कहानी

स्वर्गीय कुंवर बाई धमतरी जिले के छोटे से गांव कोटाभर्री की रहने वाली थीं। उनकी पहचान एक साधारण ग्रामीण महिला के रूप में थी लेकिन उनके एक फैसले ने उन्हें पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया। उन्होंने उस दौर में स्वच्छता की अहमियत को समझा जब ग्रामीण इलाकों में शौचालय निर्माण को लेकर जागरूकता बहुत कम थी। कुंवर बाई ने अपने गांव में स्वच्छता की अलख जगाने के लिए खुद के घर से ही बदलाव की शुरुआत की थी।

बकरी बेचकर शौचालय बनाने का साहसी फैसला

कुंवर बाई के पास आय का कोई बड़ा साधन नहीं था और उनके पास केवल कुछ पालतू बकरियां थीं। जब उन्हें पता चला कि बीमारी से बचने के लिए शौचालय जरूरी है तो उन्होंने बिना देर किए अपनी बकरियां बेच दीं। बकरियों को बेचकर मिले पैसों से उन्होंने अपने घर में शौचालय का निर्माण कराया। उनके इस त्याग और दृढ़ संकल्प की खबर जब बाहर निकली तो वह रातों-रात स्वच्छता अभियान का एक बड़ा चेहरा बन गईं।

प्रधानमंत्री मोदी ने चरण स्पर्श कर दिया था सम्मान

कुंवर बाई के कार्यों की गूंज दिल्ली तक पहुंची थी। छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके इस साहसी कदम के बारे में पता चला तो उन्होंने खुद उनसे मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने मंच पर सबके सामने कुंवर बाई के पैर छूकर उन्हें सम्मानित किया था। किसी आम नागरिक के लिए देश के सर्वोच्च नेतृत्व से ऐसा सम्मान मिलना उनके काम की गहराई को दर्शाता है। इसी सम्मान ने उन्हें स्वच्छ भारत मिशन की राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर बना दिया।

आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी यह प्रतिमा

पं. राजेश शर्मा के अनुसार कुंवर बाई की प्रतिमा लगाने का मुख्य उद्देश्य उनकी सादगी और संकल्प को जीवित रखना है। यह प्रतिमा युवाओं को यह संदेश देगी कि समाज में बदलाव लाने के लिए किसी पद या बड़ी संपत्ति की जरूरत नहीं होती है। केवल एक नेक इरादा और खुद से शुरुआत करने की हिम्मत काफी होती है। आने वाली पीढ़ियां इस प्रतिमा को देखकर स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी के महत्व को समझ सकेंगी।

भव्य अनावरण समारोह के लिए जुटी टीम

प्रतिमा अनावरण के इस कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और स्वच्छता प्रेमियों के शामिल होने की उम्मीद है। पं. राजेश शर्मा के साथ पूर्व जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ने भी तैयारियों का जायजा लिया। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में एक बार फिर स्वच्छता के प्रति नया उत्साह पैदा किया जाए। जल्द ही अनावरण की तारीख की घोषणा की जाएगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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