
IPL Betting Case: सक्ती जिले में आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कार्रवाई के दौरान शिवरीनारायण निवासी और युवा मोर्चा के जिला महामंत्री चिराग केशरवानी को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद मामला उस समय और चर्चा में आ गया, जब अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
मोबाइल चैट से मिले कई सुराग
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अरविंद कुमार जायसवाल के अनुसार, 29 अप्रैल को थाना सक्ती पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान सूचना मिली थी कि सक्ती निवासी भूपेंद्र राठौर मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों में सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।
जांच के दौरान मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट, लेनदेन और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले। इसके बाद मामले में अन्य लोगों के नाम भी सामने आए।
छह आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस जांच में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मुकेश अग्रवाल, चंद्रेश राठौर, पिंटू जायसवाल, संजू केंवट और चिराग केशरवानी के नाम शामिल हैं। चिराग केशरवानी को 3 मई को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद 4 मई को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज
अभियोजन पक्ष ने अदालत में बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इसी आधार पर जमानत का विरोध किया गया। मामले की सुनवाई के बाद सीजेएम न्यायालय ने चिराग केशरवानी की जमानत याचिका खारिज कर दी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
Police Role पर उठने लगे सवाल
मामले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर फोटो सार्वजनिक किए थे, लेकिन चिराग केशरवानी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक फोटो या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई।
सार्वजनिक जानकारी नहीं देने पर बढ़ी चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि जब अन्य मामलों में पुलिस छोटी कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक करती है, तो इस मामले में जानकारी सीमित क्यों रखी गई। इसे लेकर लोगों के बीच कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Investigation जारी, पुलिस पर बनी नजर
आईपीएल सट्टा मामले में सक्ती पुलिस की कार्रवाई फिलहाल जारी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की जांच कर रही है। वहीं, मामले में पारदर्शिता और कार्रवाई के तरीके को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है।



