
Bijapur News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से सामने आई एक शर्मनाक घटना ने पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया है। भैरमगढ़ इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस जघन्य अपराध को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले में सीधे तौर पर सत्ताधारी दल के एक नेता के शामिल होने का आरोप लगाया है जिससे प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है।
दीपक बैज का गंभीर आरोप और सत्ता पक्ष पर हमला
Deepak Baij Statement on Bijapur Gang Rape Case: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के सामने यह दावा किया कि इस सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य सूत्रधार एक भाजपा नेता है। बैज ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में बेटियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता से जुड़े लोगों का नाम सामने आने के कारण पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा सकती है। बैज ने कथित आरोपी की फोटो साझा कर सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।
जंगल की सुनसान जगह पर वारदात को दिया अंजाम
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक यह पूरी वारदात 11 अप्रैल की रात को हुई। आरोपी नाबालिग लड़की को पहले से जानते थे। उन्होंने लड़की को भरोसे में लेकर घर से बाहर बुलाया और टहलने के बहाने जंगल की ओर ले गए। वहां सुनसान इलाके का फायदा उठाकर आरोपियों ने मासूम के साथ दरिंदगी की। घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और डरी हुई हालत में अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई। इसके बाद अगले दिन सुबह परिजन थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पांच आरोपी गिरफ्तार और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीजापुर पुलिस ने फौरन एक्शन लिया। शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने घेराबंदी कर पांच लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित परबुलिया, लक्ष्मीनाथ लेकाम, सुनील परबुलिया और जातवेद मोड़ियाम के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है जिसे कानून के मुताबिक बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रहे हैं।
कठोर धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है इसलिए पुलिस ने इस केस में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं जो दोषियों को कड़ी सजा दिलाने में मददगार साबित होंगी। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और केस को फास्ट ट्रैक मोड में चलाया जाएगा।
भैरमगढ़ इलाके में फैला तनाव और जनता का गुस्सा
इस घिनौनी वारदात की खबर फैलते ही भैरमगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय निवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग उठाई है। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। स्थानीय समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि शांत बस्तर में इस तरह की घटनाएं समाज के लिए कलंक हैं और प्रशासन को अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करना चाहिए।
कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने घेरा
कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है। दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे सरेआम ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई और सत्ता के संरक्षण की बात सच साबित हुई तो वे पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेंगे।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर उठते सवाल
इस मामले ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। पीड़ित बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल आरोपियों को पकड़ लेना काफी नहीं है बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में गश्त बढ़ाने और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने की मांग भी जोर पकड़ रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।



