Mahtari Vandana Yojana E-kyc: महतारी वंदन योजना: ई-केवाईसी पोर्टल बंद होने से महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें, 2000 हितग्राही के नाम कटे

धमतरी: Mahtari Vandana Yojana: महतारी वंदन योजना के तहत अनिवार्य की गई ई-केवाईसी की प्रक्रिया ने महिलाओं की मुसीबत बढ़ा दी है। पिछले एक सप्ताह से धमतरी जिले में योजना का ऑनलाइन पोर्टल तकनीकी खामियों की वजह से बंद पड़ा है। पोर्टल ओपन न होने के कारण हजारों महिलाएं ई-केवाईसी नहीं करा पा रही हैं। कड़कड़ाती धूप में दूर-दराज के गांवों से आकर महिलाएं चॉइस सेंटर और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि काम न होने से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।

सत्यापन के दौरान 2000 मृत महिलाओं के नाम हटे

Mahtari Vandana Yojana E-kyc: योजना में पारदर्शिता लाने के लिए शासन द्वारा किए जा रहे वेरिफिकेशन के दौरान बड़ी जानकारी सामने आई है। जिले में जांच के बाद करीब 2000 मृत महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया इसलिए जरूरी की गई है ताकि योजना का पैसा केवल उन्हीं पात्र महिलाओं को मिले जो जीवित हैं और नियमों को पूरा करती हैं। सूची से अपात्रों के नाम हटने के बाद अब वास्तविक हितग्राहियों के सत्यापन पर पूरा जोर दिया जा रहा है।

केवाईसी न होने से खातों में नहीं पहुंची राशि

योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चिंता आर्थिक है। कई महिलाओं ने बताया कि ई-केवाईसी अपडेट नहीं होने के कारण इस महीने मिलने वाली 1000 रुपये की किस्त उनके बैंक खातों में जमा नहीं हुई है। चॉइस सेंटर पहुंची मधु देवांगन और सुशीला सोनी जैसी कई महिलाओं का कहना है कि वे पिछले सात दिनों से चक्कर काट रही हैं। राशि न मिलने से घर के छोटे-मोटे खर्चों के लिए उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। पोर्टल की सुस्ती ने घर का बजट बिगाड़ दिया है।

जिले में सवा दो लाख से अधिक का लक्ष्य

महतारी वंदन योजना को शुरू हुए अब दो साल पूरे हो चुके हैं। वर्ष 2024 में शुरू हुई इस योजना का लाभ जिले की लाखों महिलाएं उठा रही हैं। इस बार प्रशासन ने जिले में कुल 2 लाख 27 हजार 182 महिलाओं का ई-केवाईसी पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो महिलाएं समय पर अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगी, उन्हें आने वाले समय में योजना के लाभ से वंचित किया जा सकता है। ऐसे में पोर्टल का बंद होना इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में बाधा बन रहा है।

तकनीकी खराबी ने बढ़ाया अधिकारियों का सिरदर्द

पोर्टल बंद होने के मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सर्वर में आई कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। ऊपर से निर्देश मिलते ही सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों ने महिलाओं से धैर्य रखने की अपील की है और दावा किया है कि बहुत जल्द पोर्टल फिर से सुचारू रूप से काम करने लगेगा। पोर्टल शुरू होते ही ई-केवाईसी के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा सकते हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और काम जल्द पूरा हो।

जल्द समाधान की उम्मीद में ग्रामीण महिलाएं

ग्रामीण इलाकों से आने वाली महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि उन्हें बस का किराया और मजदूरी छोड़कर शहर आना पड़ता है। महिलाओं को अब केवल पोर्टल के फिर से शुरू होने का इंतजार है ताकि वे अपना सत्यापन पूरा करवा सकें। प्रशासन की ओर से अभी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी गई है, जिससे चॉइस सेंटरों पर महिलाओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। फिलहाल हितग्राही इस उम्मीद में हैं कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालेगी ताकि उनकी रुकी हुई राशि मिल सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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