कांग्रेस के तेज-तर्रार नेता विक्की सरदार ने थामा भाजपा का दामन: विधायक अजय चंद्राकर की मौजूदगी में ली सदस्यता, कांग्रेस की बेरुखी बनी वजह

छत्तीसगढ़ के कुरुद विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। मगरलोड ब्लॉक युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर विक्की सरदार (इंद्रजीत सिंह दिगवा) ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। रायपुर में पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के निवास पर विक्की सरदार ने अपने पूरे परिवार के साथ भाजपा प्रवेश किया। साय सरकार की कार्यशैली और अजय चंद्राकर के कुरुद मॉडल से प्रभावित होकर उन्होंने यह फैसला लिया है। कभी कांग्रेस के सबसे मुखर योद्धा रहे विक्की का जाना क्षेत्र में विपक्षी संगठन के लिए एक बड़ी सेंध माना जा रहा है।

विद्रोही तेवर और तीखे सवालों से लेकर भाजपा के प्रति विश्वास तक: बदली विक्की की सोच

एक समय था जब विक्की सरदार सड़कों और सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं चूकते थे। उनके तीखे सवाल और विद्रोही तेवर चर्चा का केंद्र रहते थे। हालांकि, विक्की का कहना है कि विरोध करना राजनीति का एक हिस्सा था, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पारदर्शी नीतियों और कुरुद में विधायक अजय चंद्राकर द्वारा किए गए विकास कार्यों ने उनकी धारणा बदल दी। उन्होंने स्वीकार किया कि अजय चंद्राकर के दूरदर्शी नेतृत्व और क्षेत्र के प्रति उनके समर्पण को देखकर उन्हें अहसास हुआ कि असली जनसेवा भाजपा की विचारधारा में ही संभव है।

जब अपनों ने फेरा मुंह: कांग्रेस की उपेक्षा ने बढ़ाई दूरियां

विक्की सरदार के कांग्रेस छोड़ने के पीछे पार्टी के भीतर की गुटबाजी और नेताओं की अनदेखी को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि विक्की पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत संकट के दौर से गुजर रहे थे। उस मुश्किल घड़ी में उन्होंने कई कांग्रेस के बड़े नेताओं से मदद की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। किसी भी कांग्रेसी दिग्गज ने उनका हाथ नहीं थामा। इसी तिरस्कार और अकेलेपन से आहत होकर विक्की ने उस दल के साथ चलने का फैसला किया, जहां कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान की कद्र की जाती है।

विपक्षी खेमे के सबसे सक्रिय चेहरे को तोड़ा

विक्की सरदार का भाजपा में शामिल होना भाजपा की एक रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। मगरलोड क्षेत्र में विक्की कांग्रेस के सबसे मजबूत ‘ग्राउंड फाइटर’ माने जाते थे। उनके भाजपा में आने से न केवल कांग्रेस का स्थानीय संगठन नेतृत्वविहीन हो गया है, बल्कि अजय चंद्राकर ने यह भी साबित कर दिया कि उनकी विकास नीतियों का प्रभाव विरोधियों पर भी गहराई से पड़ रहा है। इस दल-बदल से कुरुद विधानसभा में भाजपा का किला और भी अभेद्य नजर आ रहा है, जिससे आने वाले चुनावों में समीकरण बदल सकते हैं।

विकास का ‘साय’ मॉडल: युवाओं को भा रही सरकार की योजनाएं

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों ने युवाओं के बीच एक नई उम्मीद जगाई है। विक्की सरदार ने भी माना कि भाजपा का राष्ट्रवाद और विकास का एजेंडा युवाओं को तेजी से अपनी ओर खींच रहा है। स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के प्रति सरकार का नजरिया उन्हें कांग्रेस की तुलना में अधिक स्पष्ट और ईमानदार लगा। यही वजह है कि उन्होंने अब ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ जन-जन तक सरकारी योजनाओं को पहुँचाने का संकल्प लिया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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