Parliament Special Session 2026 Bills: संसद के विशेष सत्र में ऐतिहासिक बदलाव: बढ़ सकती हैं लोकसभा सीटें, छत्तीसगढ़ की सीटों में भी होगा बड़ा इजाफा

Parliament Special Session 2026 Bills: केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। इस दौरान तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए जाएंगे जो देश की राजनीति का चेहरा बदल सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से सीटों के परिसीमन और महिला आरक्षण पर ध्यान दिया गया है। सरकार का लक्ष्य 2029 के चुनाव से पहले इन बड़े बदलावों को कानूनी रूप देना है ताकि आने वाले समय में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।

543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी लोकसभा सीटें

सरकार लोकसभा की सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना बना रही है। इसके लिए संसद में संविधान संशोधन विधेयक 2026 पेश किया जाएगा। इस नए प्रस्ताव के तहत राज्यों से चुने जाने वाले प्रतिनिधियों की संख्या 815 तक हो सकती है। इतनी बड़ी संख्या में सीटों का बढ़ना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक बड़ा कदम साबित होगा जिससे जनता का प्रतिनिधित्व और बढ़ेगा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से मिलेगा आरक्षण

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता साफ होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस बिल को सर्वसम्मति से पास करने की अपील की है। सरकार का मानना है कि इससे राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ेगी और जमीनी स्तर पर विकास को नई ऊर्जा मिलेगी।

परिसीमन आयोग तय करेगा सीटों का नया गणित

सीटों के दोबारा निर्धारण के लिए सरकार परिसीमन विधेयक 2026 लेकर आ रही है। इसके तहत एक विशेष आयोग बनाया जाएगा जिसकी कमान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज के हाथ में होगी। यह आयोग नई जनगणना के आंकड़ों के आधार पर तय करेगा कि किस क्षेत्र में आबादी के हिसाब से कितनी सीटें बढ़ाई जानी चाहिए। इससे हर क्षेत्र को जनसंख्या के अनुपात में सही प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।

छत्तीसगढ़ की सीटों में भी होगा बड़ा इजाफा

छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए यह खबर काफी मायने रखती है। नए परिसीमन के बाद यहाँ लोकसभा और विधानसभा की सीटों में काफी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। सीटों की संख्या बढ़ने से राज्य के स्थानीय और ग्रामीण मुद्दों को केंद्र और विधानसभा में बेहतर तरीके से उठाया जा सकेगा जिससे विकास की गति भी तेज होगी।

केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी बदलाव

सरकार केवल लोकसभा ही नहीं बल्कि केंद्र शासित प्रदेशों में भी सुधार की तैयारी में है। दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान इस सत्र में शामिल किया गया है। इसके लिए केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक लाया जाएगा जिससे इन क्षेत्रों की राजनीति में भी महिलाओं का प्रभाव बढ़ेगा।

टाइमिंग को लेकर विपक्ष ने खड़े किए सवाल

जहाँ सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है वहीं कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इन बिलों को लाने के लिए कुछ समय और इंतजार किया जाना चाहिए था। संसद के इस तीन दिवसीय विशेष सत्र में होने वाली बहस और फैसलों पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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