रायपुर मेकाहारा में पुलिस की बड़ी लापरवाही: जेल प्रहरियों को चकमा देकर हथकड़ी समेत फरार हुआ Hत्या के प्रयास का अपराधी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा (मेमोरियल मेडिकल कॉलेज) में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद एक सजायाफ्ता कैदी इलाज के दौरान जेल प्रहरियों की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया। फरार कैदी का नाम साहेब कुमार ताती है जो हत्या के प्रयास के मामले में जेल में अपनी सजा काट रहा था। अस्पताल परिसर जैसी भीड़भाड़ वाली जगह का फायदा उठाकर आरोपी पुलिस के चंगुल से निकल भागा। इस घटना ने जेल प्रशासन और सुरक्षा में तैनात जवानों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बिहार का रहने वाला है आरोपी: जेल से अस्पताल लाते ही हुआ रफूचक्कर

फरार कैदी साहेब कुमार ताती मूल रूप से बिहार का निवासी है। करीब तीन साल पहले रायपुर के गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था जिसमें कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया था। तब से वह रायपुर सेंट्रल जेल में अपनी सजा काट रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ने की शिकायत पर जेल प्रबंधन ने उसे कड़ी सुरक्षा के बीच मेकाहारा अस्पताल भेजने का फैसला किया। अस्पताल पहुंचने के कुछ ही देर बाद जब प्रहरियों का ध्यान थोड़ा भटका तभी आरोपी मौका पाकर अपनी हथकड़ी समेत वहां से गायब हो गया।

राजधानी में नाकेबंदी: फरार अपराधी की तलाश में जुटी पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही मौदहापारा थाना पुलिस और जेल प्रशासन हरकत में आ गया है। थाना प्रभारी मुकेश शर्मा के मुताबिक फरार कैदी की तलाश के लिए शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें भेजी गई हैं। शहर से बाहर जाने वाले रास्तों पर भी नाकेबंदी कर वाहनों की तलाशी ली जा रही है। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि वह किस रास्ते से बाहर निकला और क्या उसे बाहर से किसी की मदद मिली थी।

जेल प्रहरियों की चूक: पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

रायपुर सेंट्रल जेल से कैदियों के फरार होने या सुरक्षा घेरा तोड़कर भागने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इलाज या पेशी के दौरान जेल कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से कई कैदी चकमा देने में कामयाब रहे हैं। अस्पताल जैसी जगह जहां आम जनता की भारी भीड़ होती है वहां अपराधी पर नजर रखना बड़ी चुनौती होती है लेकिन साहेब कुमार का हथकड़ी समेत भाग जाना बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है। विभाग अब उन प्रहरियों की भूमिका की जांच कर रहा है जो उसकी सुरक्षा में तैनात थे और दोषी पाए जाने पर उन पर निलंबन की गाज गिरना तय है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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