
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाला एक अनोखा मामला सामने आया है। आमतौर पर ससुराल पक्ष पर बहू को प्रताड़ित करने के आरोप लगते हैं, लेकिन यहां एक सास ने अपनी बहू पर मानसिक और आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि बुजुर्ग महिला ने तंग आकर प्रशासन से इच्छामृत्यु की मांग कर दी है। इस घटना ने समाज में बुजुर्गों की स्थिति और टूटते संयुक्त परिवारों की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
एसपी दफ्तर पहुंची पीड़ित सास: बहू पर लगाया मानसिक और आर्थिक शोषण का आरोप
सूरजपुर के लटोरी क्षेत्र की रहने वाली शकुंतला पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने अपनी बहू रागनी मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्हें घर में चैन से रहने नहीं दिया जा रहा है। सास का आरोप है कि बहू उन पर लगातार पैसों के लिए दबाव बनाती है और बात-बात पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है। बुजुर्ग महिला के अनुसार, इस कलह की वजह से उनका बुढ़ापा बेहद कष्टदायक हो गया है और वे अब और अपमान सहने की स्थिति में नहीं हैं।
चार साल पुराना विवाद: दहेज प्रताड़ना के केस से शुरू हुई थी कलह
शकुंतला पाण्डेय ने पुलिस को बताया कि विवाद की जड़ें साल 2021 से जुड़ी हैं। 3 अक्टूबर 2021 को उनकी बहू ने पूरे परिवार पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए घर छोड़ दिया था। उस वक्त उनके बेटे वेद प्रकाश और परिवार के अन्य सदस्यों को कानूनी पचड़ों और सामाजिक बदनामी का सामना करना पड़ा था। परिवार का दावा है कि उस घटना के बाद से ही उनके घर की शांति भंग हो गई थी और रिश्तों में एक गहरी दरार आ गई थी, जो वक्त के साथ और चौड़ी होती गई।
दोबारा वापसी और बढ़ा तनाव: सुलह की उम्मीदों पर फिरा पानी
करीब चार साल तक अलग रहने के बाद जब बहू वापस घर लौटी, तो परिवार को लगा कि शायद अब कड़वाहट खत्म हो जाएगी। हालांकि, सास के दावों के मुताबिक, घर आने के बाद बहू का व्यवहार और भी ज्यादा आक्रामक हो गया। शकुंतला पाण्डेय का कहना है कि बहू फिर से पुरानी बातों को लेकर विवाद करती है और आर्थिक मांगों के जरिए मानसिक दबाव बनाती है। बुजुर्ग महिला का कहना है कि उन्होंने जीवन भर मेहनत कर जो जमा पूंजी जोड़ी, अब बहू की नजर उसी पर है।
इच्छामृत्यु की मांग से हड़कंप: बुजुर्ग महिला ने कहा- अब जीने की इच्छा नहीं
लगातार बढ़ते तनाव और घर के झगड़ों से आजिज आकर शकुंतला पाण्डेय ने एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से गुहार लगाई कि अगर उन्हें इस प्रताड़ना से मुक्ति नहीं मिल सकती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए। एक बुजुर्ग मां द्वारा अपनी ही बहू के खिलाफ ऐसी मांग करना पुलिस प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। इस मांग के बाद पुलिस विभाग ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के निर्देश दिए हैं।
परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा मामला: बातचीत से सुलह कराने की कवायद
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सूरजपुर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। दोनों पक्षों को तत्काल परिवार परामर्श केंद्र (Family Counseling Centre) भेजा गया है। वहां मौजूद विशेषज्ञों और काउंसलर्स की टीम सास और बहू के बीच की गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश कर रही है। पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई से पहले आपसी संवाद के जरिए रास्ता निकालना बेहतर होता है, ताकि उजड़ते हुए परिवार को बचाया जा सके।
रिश्तों पर उठे सवाल: क्या बदल रहा है सामाजिक ताना-बना?
यह मामला केवल एक घर की लड़ाई नहीं है, बल्कि बदलते सामाजिक परिवेश की ओर भी इशारा करता है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि बढ़ती व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और सहनशीलता की कमी के कारण अब बुजुर्गों को उनके ही घर में बेगाना किया जा रहा है। सूरजपुर की इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारे पारिवारिक संस्कार और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना कमजोर पड़ती जा रही है। प्रशासन अब इस कोशिश में है कि दोनों पक्षों के बीच एक सम्मानजनक समझौता हो सके।
पुलिस की प्राथमिकता: शांतिपूर्ण समाधान और बुजुर्गों की सुरक्षा
सूरजपुर पुलिस के अनुसार, उनकी पहली प्राथमिकता पीड़ित बुजुर्ग महिला को सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करना है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों की बातें सुनी जा रही हैं। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल, पूरे लटोरी क्षेत्र में इस मामले की चर्चा है और लोग परिवार परामर्श केंद्र के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।



