
खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध का असर अब छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की रसोइयों तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने से स्थानीय बाजार में सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है। आम उपभोक्ताओं को एक रिफिल के लिए लगभग 25 दिनों तक का इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह वेटिंग पीरियड बढ़कर 45 दिन हो गया है। आपूर्ति में आई इस बाधा का फायदा उठाकर कुछ लोग सिलेंडरों की कालाबाजारी में जुट गए हैं, जिसे रोकने के लिए जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है।
ओटीपी के बिना नहीं मिलेगी डिलीवरी: कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने लागू किया डीएसी
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और बिचौलियों के खेल को खत्म करने के लिए सरकार ने ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) को अनिवार्य कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए कोड को डिलीवरी मैन को बताना होगा, तभी उन्हें सिलेंडर मिल पाएगा। धमतरी जिले की 12 गैस एजेंसियों से जुड़े करीब 2.15 लाख ग्राहकों को अब इसी डिजिटल प्रक्रिया का पालन करना होगा। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध बिक्री पर लगाम लगेगी।
होटलों और रेस्टोरेंट्स पर छापेमारी: एसडीएम की टीम ने अब तक जब्त किए 82 सिलेंडर
घरेलू गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग की शिकायतों के बाद एसडीएम पीयूष तिवारी के नेतृत्व में प्रशासन ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। शहर के विभिन्न होटलों और ढाबों पर औचक छापेमारी की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम जनता के हक का सस्ता गैस कमर्शियल कामों में न खप रहा हो। इस अभियान के तहत अब तक जिले की विभिन्न एजेंसियों के क्षेत्रों से कुल 82 अवैध सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आपूर्ति बहाल करने की चुनौती: युद्ध के चलते गैस एजेंसियों के पास स्टॉक की कमी
वर्तमान में गैस एजेंसियां मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं। युद्ध की स्थिति के कारण लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हुई है। स्थानीय वितरकों का कहना है कि उन्हें ऊपर से ही पर्याप्त कोटा नहीं मिल रहा है, जिससे बुकिंग और डिलीवरी के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि उपलब्ध स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाए। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर एक्स्ट्रा बुकिंग न करें और कालाबाजारी की जानकारी मिलने पर तुरंत विभाग को सूचित करें।



