
CG Cabinet Personal Establishment Changes: छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने दो प्रमुख मंत्रियों की निजी स्थापना में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की ओर से जारी आदेश के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कार्यालयों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन नियुक्तियों में नियमों में दी गई विशेष छूट प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सरकार का उद्देश्य मंत्री कार्यालयों के कामकाज को अधिक सुदृढ़ और त्वरित बनाना है।
लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष सहायक बने प्रतीक खरे
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सचिव के रूप में कार्यरत प्रतीक खरे को नई जिम्मेदारी दी गई है। उनकी सेवाएं अब मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की निजी स्थापना के लिए स्थानांतरित की गई हैं। उन्हें अस्थाई रूप से मंत्री का विशेष सहायक नियुक्त किया गया है। वे अपने पैतृक विभाग से प्रतिनियुक्ति पर रहेंगे और मूल संवर्ग का वेतनमान प्राप्त करते रहेंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव की निजी टीम में भूपेन्द्र सिंह ध्रुव शामिल
एक अन्य आदेश में जल संसाधन विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ध्रुव को उप मुख्यमंत्री अरुण साव के दफ्तर में नई पदस्थापना दी गई है। उन्हें सहायक ग्रेड-3 के पद के विरुद्ध अस्थाई तौर पर पदस्थ किया गया है। उप मुख्यमंत्री के पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन और खेल जैसे भारी-भरकम विभाग हैं। इस दृष्टिकोण से उनके दफ्तर का प्रशासनिक ढांचा मजबूत होना जरूरी माना जा रहा था।
अर्हता और नियमों में दी गई छूट बनी चर्चा का विषय
भूपेन्द्र सिंह ध्रुव की पदस्थापना के आदेश में एक खास बिंदु ने लोगों का ध्यान खींचा है। इसमें वर्ष 2000 में जारी विभागीय पत्र में तय अर्हता और पात्रता संबंधी शर्तों को शिथिल किया गया है। शासकीय आदेश में इसे स्पष्ट रूप से विशेष प्रकरण दर्ज किया गया है। सामान्य नियमों को दरकिनार कर दी गई इस छूट के कारण नौकरशाही के भीतर विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

वेतन और सेवा शर्तों पर नहीं पड़ेगा कोई विपरीत प्रभाव
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों की यह नई तैनाती पूरी तरह अस्थाई व्यवस्था है। इस दौरान दोनों ही कर्मचारी अपने-अपने मूल विभागों और संवर्गों में मिलने वाले वेतनमान के हकदार बने रहेंगे। नई जिम्मेदारी केवल मंत्री कार्यालयों के दैनिक कार्यों के प्रबंधन तक सीमित रहेगी, जबकि उनकी मूल सेवा से जुड़े सभी अधिकार पहले की तरह सुरक्षित रखे गए हैं।
विभागीय फाइलों के त्वरित निपटारे के लिए उठाया गया कदम
मंत्रियों के सचिवालय और निजी स्टाफ में फेरबदल की यह प्रक्रिया नियमित शासन तंत्र का हिस्सा है। इस तरह के बदलावों का मुख्य ध्येय दफ्तरी कामकाज में गति लाना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना होता है। नए अफसरों के आने से मंत्री कार्यालयों में नीतिगत फैसलों और फाइलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
साय सरकार में मंत्री कार्यालयों के कायाकल्प की कवायद जारी
विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार लगातार प्रशासनिक व्यवस्था को कसने का प्रयास कर रही है। इसी रणनीति के तहत आवश्यकतानुसार मंत्रियों के स्टाफ में नए और योग्य अधिकारियों को जगह दी जा रही है। इस ताजा फेरबदल के बाद अब दोनों वरिष्ठ नेताओं की निजी टीमें नई ऊर्जा के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन करती दिखेंगी।
नए अधिकारियों के कंधों पर होगी अहम जिम्मेदारियों की चुनौती
निजी स्थापना में तैनात अधिकारियों का मुख्य काम जनता की आवेदनों का समय पर निराकरण करना और विभागीय बैठकों का समन्वय करना होता है। नए दायित्व संभालने वाले अधिकारियों के सामने अब मंत्रियों की प्राथमिकताओं के अनुरूप परिणामों को धरातल पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। विशेष रूप से जनकल्याणकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।



