Raipur Babu Khemani Online Betting Network Exposed: सट्टा किंग बाबू खेमानी के मोबाइल ने उगले राज: रायपुर के रसूखदार कारोबारी भी रडार पर, टेलीग्राम के जरिए फैलाया था जाल

Raipur Babu Khemani Online Betting Network Exposed: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के एक बहुत बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सट्टा माफिया बाबू खेमानी के पास शहर के कई प्रतिष्ठित व्यापारियों और प्रभावशाली लोगों की लंबी फेहरिस्त थी। ये रसूखदार लोग खेमानी से आईडी लेकर आईपीएल मैचों पर करोड़ों का दांव लगा रहे थे। पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से कई ऐसे नंबर और चैट मिले हैं, जो शहर के वीआईपी गलियारों तक जुड़े हुए हैं। फिलहाल पुलिस इन सभी नामों की बारीकी से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है।

टेलीग्राम से एंट्री और ‘टिप्स’ के बहाने फंसाता था शिकार

बाबू खेमानी इस काले कारोबार में ‘आईडी ऑनर’ के तौर पर काम कर रहा था। वह सीधे तौर पर सट्टा खिलाने के बजाय लोगों को अलग-अलग नामों से ऑनलाइन आईडी मुहैया कराता था। जांच में पता चला है कि वह सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर ‘मैच प्रिडिक्शन’ और जीत के टिप्स देने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। एक बार जब कोई उसके टेलीग्राम लिंक से जुड़ जाता, तो उसे सट्टे के सिंडिकेट में एंट्री मिल जाती थी। यह नेटवर्क इतना शातिर था कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार अपने डिजिटल लिंक बदलता रहता था।

रवि भवन के मोबाइल व्यापारियों का भी खुला कच्चा चिट्ठा

पुलिस की जांच का दायरा अब शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक बाबू खेमानी के फोन से मिली जानकारी में रवि भवन के कई बड़े मोबाइल और कवर कारोबारियों के नाम सामने आए हैं। ये व्यापारी न केवल खुद सट्टा खेलते थे, बल्कि इस सिंडिकेट को चलाने में भी मदद कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन कारोबारियों की भूमिका की जांच की जा रही है और सबूत मिलते ही इन्हें पूछताछ के लिए समन जारी किया जाएगा। व्यापार की आड़ में सट्टे का यह खेल रायपुर के कई इलाकों में गहराई से अपनी जड़ें जमा चुका है।

मुंबई से हुई गिरफ्तारी, भाई करण की तलाश में जुटी पुलिस

क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बाबू खेमानी को मुंबई से दबोचने में कामयाबी हासिल की है। कोर्ट ने आरोपी को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जहां उससे नेटवर्क के अन्य साथियों के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है। इस पूरे मामले में बाबू का भाई करण खेमानी भी बराबर का साझीदार बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस की अलग-अलग टीमें करण की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि करण की गिरफ्तारी के बाद इस सिंडिकेट के अंतरराज्यीय संबंधों का खुलासा हो सकता है।

वसूली का खौफनाक तरीका: पैसे न मिलने पर सोने के जेवर तक झटके

सट्टे के इस दलदल में केवल हार-जीत का ही खेल नहीं था, बल्कि वसूली के लिए गुंडागर्दी का सहारा भी लिया जाता था। जांच में यह बात सामने आई है कि बाबू खेमानी ने उधारी वसूलने के लिए कुछ लड़कों को पाल रखा था। जो ग्राहक हारने के बाद पैसे नहीं दे पाते थे, उन्हें बदनाम करने और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। कुछ पीड़ितों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दबाव इतना ज्यादा था कि उन्हें पैसे चुकाने के लिए अपने घर के सोने के जेवर तक इन सटोरियों के हवाले करने पड़े।

डिजिटल सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस का कड़ा अभियान

रायपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ यह कार्रवाई थमने वाली नहीं है। शहर के नामी लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद अब पुलिस उनके बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है। अफसरों का कहना है कि जो भी व्यक्ति इस गैरकानूनी धंधे में शामिल पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब उन तकनीकी विशेषज्ञों की भी तलाश कर रही है जो इन सटोरियों को सुरक्षित सर्वर और पेमेंट गेटवे उपलब्ध कराते थे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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