
जशपुर: Jashpur Magical Kalash Scam: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से करोड़ों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां शातिर ठगों ने ग्रामीणों को यह विश्वास दिलाकर जाल में फंसा लिया कि उन्हें जादुई कलश मिला है जिसकी कीमत अरबों में है और इसे विदेशों में बेचकर सरकार मुनाफा ग्रामीणों में बांटेगी। इस लालच में हजारों ग्रामीणों ने ठगों को 25 हजार से 70 हजार रुपए तक जमा करा दिए।
कैसे बुना गया फर्जीवाड़ा
- 2021 में ठगों ने आरपी ग्रुप नाम से फर्जी कंपनी बनाई।
- सदस्यता दिलाने के लिए ग्रामीणों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लिए गए।
- सदस्यता शुल्क और सिक्योरिटी मनी के नाम पर लाखों रुपए ऐंठे गए।
- झांसा दिया गया कि कंपनी से जुड़ने पर हर सदस्य को 1 से 5 करोड़ रुपए तक का लाभ मिलेगा।

महिला की शिकायत से खुला राज
Jashpur News: ग्राम चिड़ौरा निवासी अमृता बाई ने 7 सितंबर 2025 को पत्थलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसने 2021 में कंपनी में 25,000 रुपए जमा किए थे लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं मिला। पुलिस ने जांच शुरू की तो पूरा जादुई कलश घोटाला उजागर हो गया।
पुलिस की कार्रवाई
- पुलिस ने राजेन्द्र कुमार दिव्य, तुरेंद्र कुमार दिव्य उर्फ मनीष, प्रकाश चंद्र धृतलहरे और उपेंद्र कुमार सारथी को गिरफ्तार किया।
- इनके पास से कार, मोबाइल और दस्तावेज समेत करीब 13 लाख रुपए का सामान जब्त हुआ।
- दो आरोपी – महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर और एक अन्य अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

ठगी की रकम और दायरा
Magical Kalash Scam: एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में 1 करोड़ 94 लाख रुपए की ठगी के सबूत मिले हैं। हालांकि वास्तविक रकम इससे कहीं ज्यादा होने की आशंका है। यह फर्जीवाड़ा सिर्फ जशपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर जिलों के हजारों ग्रामीण भी इस जाल में फंसे हुए हैं।
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