
रायपुर: CG Teacher Recruitment New Update: छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा के स्वरूप में आमूलचूल बदलाव कर दिया है। इस बार चयन के लिए पहली बार एक विस्तृत सिलेबस तैयार किया गया है, जिसे स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को भेज दिया है। नए नियमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब अभ्यर्थियों से सामान्य ज्ञान के सवाल बहुत कम पूछे जाएंगे। इसके बजाय जिस विषय का शिक्षक बनना है, उससे जुड़े सवालों पर ज्यादा जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूलों को ऐसे शिक्षक मिलें जो अपने विषय में पूरी तरह पारंगत हों, ताकि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
4708 पदों पर होगी सीधी भर्ती: मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद 292 पदों की कटौती, वित्त विभाग से मिली हरी झंडी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहले 5 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया था, लेकिन अब इसमें थोड़ा बदलाव हुआ है। व्याख्याता कंप्यूटर और योग शिक्षक के 292 पदों को कम कर दिया गया है, जिसके बाद अब कुल 4708 पदों पर ही शिक्षकों और सहायक शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति मिल चुकी है और व्यापमं को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी को देखते हुए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि स्कूलों में हिंदी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों के खाली पड़े पदों को भरा जा सके।
100 अंकों का होगा प्रश्नपत्र: सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला भर्ती के लिए एससीईआरटी ने तय किया वेटेज
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने विषयवार अंकों का विभाजन इस तरह किया है कि उम्मीदवार की शैक्षणिक समझ को परखा जा सके। सहायक शिक्षक की परीक्षा के लिए 100 अंकों के प्रश्नपत्र में बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र को 20 अंक दिए गए हैं। वहीं, प्रयोगशाला सहायक शिक्षक के लिए भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान पर 25-25 अंकों के सवाल होंगे। इस नए पैटर्न से उन अभ्यर्थियों को फायदा होगा जो अपने मूल विषय में मजबूत पकड़ रखते हैं। कानूनी विवादों से बचने के लिए इन नए नियमों की समीक्षा सुप्रीम कोर्ट की स्टैंडिंग काउंसिल से भी कराई गई है।
सहायक शिक्षक भर्ती का नया परीक्षा चार्ट: बाल विकास और गणित को मिला सबसे ज्यादा महत्व
सहायक शिक्षक पद के लिए जो ब्लूप्रिंट तैयार हुआ है, उसमें सामान्य ज्ञान का हिस्सा घटाकर केवल 6 अंक कर दिया गया है। परीक्षा में सबसे ज्यादा वजन बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र (20 अंक) और गणित (20 अंक) को दिया गया है। इसके अलावा सामान्य हिंदी और अंग्रेजी के लिए 17-17 अंक निर्धारित किए गए हैं। पर्यावरण अध्ययन के 13 और कंप्यूटर ज्ञान के 7 अंक होंगे। यह ढांचा स्पष्ट करता है कि विभाग अब ऐसे सहायक शिक्षक चाहता है जो बुनियादी शिक्षा के साथ-साथ तार्किक विषयों में भी दक्ष हों।
सहायक शिक्षक परीक्षा हेतु अंक विभाजन:
- बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र: 20 अंक
- गणित: 20 अंक
- सामान्य हिंदी व अंग्रेजी: 17-17 अंक
- पर्यावरण अध्ययन: 13 अंक
- कंप्यूटर ज्ञान: 07 अंक
- सामान्य ज्ञान: 06 अंक
गणित शिक्षकों के लिए कठिन चुनौती: बीजगणित से सांख्यिकी तक की होगी परीक्षा, 10-10 अंकों में बंटे टॉपिक
गणित शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए परीक्षा अब केवल सामान्य नहीं रहेगी। सिलेबस में गणित के इतिहास से लेकर अंक गणित, बीज गणित, त्रिकोणमिति, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और सांख्यिकी जैसे हर महत्वपूर्ण टॉपिक के लिए 10-10 अंक तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सामान्य ज्ञान और कंप्यूटर शिक्षा जैसे विषयों को सिर्फ 5-5 अंकों में समेट दिया गया है। इस कठिन बंटवारे का सीधा मतलब है कि अभ्यर्थी को अपने विषय की गहराई तक जानकारी होनी चाहिए। शिक्षकों को बाल विकास और शिक्षण कला के सवालों का जवाब भी देना होगा, जिसके लिए 10 अंक सुरक्षित रखे गए हैं।
प्रयोगशाला सहायक के लिए विज्ञान पर फोकस: फिजिक्स-कैमिस्ट्री और बायो के होंगे 75 सवाल, सामान्य ज्ञान का हिस्सा नाममात्र
सहायक शिक्षक (प्रयोगशाला) के पद के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह विज्ञान केंद्रित कर दी गई है। इस परीक्षा में भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और जीव विज्ञान से 25-25 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे, जो कुल परीक्षा का 75 प्रतिशत हिस्सा है। बाकी 25 अंकों में 10 नंबर सामान्य ज्ञान के लिए और 5-5 नंबर हिंदी, अंग्रेजी व कंप्यूटर के लिए रखे गए हैं। लंबे समय से स्कूलों में प्रयोगशाला सहायकों की कमी देखी जा रही थी, जिसे दूर करने के लिए यह विशेष परीक्षा योजना बनाई गई है ताकि लैब का काम सुचारू रूप से चल सके।
फरवरी में होगी टीईटी (TET) की परीक्षा: पात्रता के बाद ही खुलेगा शिक्षक बनने का रास्ता, व्यापमं जल्द जारी करेगा शेड्यूल
भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले फरवरी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाएगी। टीईटी पास करने वाले अभ्यर्थी ही मुख्य भर्ती परीक्षा में शामिल होने के पात्र होंगे। व्यापमं को भेजे गए प्रस्ताव के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द ही आवेदन की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा। सरकार का यह कदम स्कूलों में चल रही शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि व्यापमं से हरी झंडी मिलते ही भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी हो जाएगा और पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां की जाएंगी।



