
धमतरी जिले के दूरस्थ और डूबान प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी राहत भरी पहल की है। गंगरेल बांध के जलग्रहण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए ‘वॉटर एंबुलेंस सेवा’ की शुरुआत कर दी गई है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने खुद इन प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और इस नई सेवा को हरी झंडी दिखाई। इस पहल से अब आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना न केवल आसान होगा बल्कि समय पर इलाज मिलने से कई जानें भी बचाई जा सकेंगी।
दूरी और समय की बचत: 45 मिनट में पहुंचेंगे धमतरी के अस्पताल
डूबान क्षेत्र के ग्रामीणों को अब तक इलाज के लिए करीब 50 किलोमीटर की लंबी दूरी सड़क मार्ग से तय करनी पड़ती थी। खराब रास्तों और लंबी दूरी की वजह से गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी। वॉटर एंबुलेंस शुरू होने के बाद अब जलमार्ग के जरिए यह दूरी सिमटकर केवल 7 किलोमीटर रह गई है। कलेक्टर ने बताया कि अब मरीज को महज 45 मिनट के भीतर धमतरी शहर पहुंचाया जा सकेगा। प्रशासन जल्द ही इस सेवा के लिए एक टोल फ्री नंबर भी जारी करने वाला है ताकि ग्रामीण आसानी से एंबुलेंस बुला सकें।
32 गांवों की लाइफलाइन: 7 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
गंगरेल बांध के आसपास बसी 7 पंचायतों के अंतर्गत आने वाले लगभग 32 गांवों के लिए यह एंबुलेंस किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। इन गांवों के लोग लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच की मांग कर रहे थे। प्रशासन का मानना है कि यह केवल एक नाव नहीं बल्कि अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति के लिए जीवन रक्षक कड़ी है। इस सेवा के शुरू होने से गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जिन्हें पहले इलाज के अभाव में काफी संघर्ष करना पड़ता था।
पर्यटन को भी लगेंगे पंख: हरफर गांव बनेगा नया टूरिस्ट स्पॉट
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अपने दौरे के दौरान हरफर गांव की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखा और इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। प्रशासन की योजना है कि यहां पर्यटकों के लिए रेस्टोरेंट, बोटिंग और होम-स्टे जैसी सुविधाएं तैयार की जाएं। इससे न केवल धमतरी का नाम पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर इस क्षेत्र को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर: स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना मुख्य लक्ष्य
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाना है जो भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे। वॉटर एंबुलेंस इसी कड़ी का एक हिस्सा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा और अन्य जरूरी सेवाओं की पहुंच भी इन गांवों तक सुदृढ़ की जाए। आने वाले दिनों में इस सेवा का और विस्तार करने की योजना है ताकि मानसून के दौरान भी ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सकारात्मक बदलाव की उम्मीद: ग्रामीणों के जीवन स्तर में होगा सुधार
इस नई पहल से डूबान क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में बड़े सुधार की उम्मीद की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस संवेदनशीलता की सराहना की है क्योंकि जलमार्ग का उपयोग कर दूरी कम करने का यह विचार दशकों पुरानी मांग को पूरा करता है। प्रशासन का लक्ष्य है कि आपात स्थिति में कोई भी व्यक्ति उपचार के अभाव में दम न तोड़े। धमतरी जिला अब प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ अपनी बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी पहचाना जा रहा है।



