Jashpur Food Poisoning: गुपचुप खाते ही बिगड़ी दर्जनों की तबीयत, 8 की हालत नाजुक; गांव में लगा मेडिकल कैंप

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गोलगप्पे खाने के शौकीन लोगों के लिए एक डराने वाली खबर सामने आई है। स्थानीय बाजार में एक ठेले पर बिक रहे गोलगप्पे खाने के बाद अचानक बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए। बताया जा रहा है कि जिन लोगों ने भी उस खास ठेले से पानी-पूरी का आनंद लिया, उन्हें कुछ ही देर बाद पेट में मरोड़ और बेचैनी महसूस होने लगी। देखते ही देखते बीमारों का आंकड़ा दर्जनों में पहुंच गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन कर रही है।

पेट दर्द और उल्टी से शुरू हुआ सिलसिला

जानकारी के अनुसार, बाजार में खरीदारी करने आए ग्रामीणों और बच्चों ने जब गोलगप्पे खाए, तो शुरुआत में सब सामान्य था। लेकिन घर पहुंचते ही लोगों को तेज पेट दर्द, उल्टी और जी मिचलाने की शिकायत होने लगी। प्रारंभिक जांच में यह मामला सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गया है। अचानक फैली इस बीमारी की वजह से प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है।

8 ग्रामीणों की बिगड़ी हालत, अस्पताल में भर्ती

बीमार हुए लोगों में से 8 ग्रामीणों की स्थिति काफी चिंताजनक बताई जा रही है। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत कुनकुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, इन मरीजों के शरीर में पानी की कमी और संक्रमण के लक्षण अधिक थे, जिसके कारण उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। भर्ती मरीजों में बच्चे भी शामिल हैं, जिनका विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

गांव के भीतर ही तैनात की गई मेडिकल टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांव में ही मोर्चा संभाल लिया है। जिन लोगों में बीमारी के हल्के लक्षण थे, उन्हें अस्पताल भागने की जरूरत न पड़े, इसके लिए गांव में ही एक अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित किया गया है। यहां डॉक्टरों और नर्सों की टीम तैनात है, जो घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। अब तक दर्जनों लोगों को कैंप में प्राथमिक उपचार और जरूरी दवाइयां दी जा चुकी हैं, जिससे अस्पताल पर मरीजों का बोझ कम हुआ है।

राहत की खबर: सभी मरीज खतरे से बाहर

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ताजा अपडेट देते हुए बताया है कि समय पर इलाज मिलने की वजह से सभी मरीजों की स्थिति अब स्थिर है। राहत की बात यह है कि कोई भी मरीज अब खतरे में नहीं है। हालांकि, डॉक्टरों ने सलाह दी है कि अगले 24 घंटों तक सभी को हल्का भोजन और साफ पानी का सेवन करना चाहिए। विभाग अब उस ठेले वाले की तलाश कर रहा है और गोलगप्पे के पानी व मसालों के नमूने लैब में जांच के लिए भेजने की तैयारी है।

बाहर का खाना खाते समय बरतें ये सावधानियां

इस घटना ने एक बार फिर खुले में बिकने वाले खाने-पीने के सामानों की शुद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाले कटे हुए फल या दूषित पानी से बनी चीजों का सेवन करने से बचें। गंदगी वाली जगहों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों से संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बाजारों में बिकने वाले सामानों की नियमित जांच करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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