
रायपुर। Tomar Brothers Raid: करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तोमर और उनके भाई रोहित तोमर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सूदखोरी और जबरन वसूली के आरोपों में फरार चल रहे इन दोनों भाइयों के खिलाफ आयकर विभाग, नगर निगम और पुलिस ने मिलकर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
नगर निगम की रेड: टैक्स दस्तावेजों की जांच और मकान का निरीक्षण
Tomar Brothers House Raid: रायपुर नगर निगम के जोन-6 की टेक्निकल और टैक्स टीम ने भाठागांव की साईंविला सोसाइटी में स्थित तोमर बंधुओं के महलनुमा मकान का निरीक्षण किया। इंजीनियर और टैक्स अफसरों की पांच सदस्यीय टीम ने मकान की वास्तविक स्थिति, निर्माण की वैधता और टैक्स से जुड़े कागज़ात खंगाले।
अब निगम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ज़ोन कमिश्नर के माध्यम से नगर निगम कमिश्नर को सौंपेगा। उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
₹36 लाख कैश, पौन किलो सोना और कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले
Tomar Brothers House Raid: छापे के दौरान पुलिस को मकान से ₹36 लाख नकद, करीब 750 ग्राम सोना, और कई मकानों के दस्तावेज मिले।
इसके अलावा ब्लैंक चेक और कई स्टांप पेपर भी जब्त किए गए हैं, जिनमें कई घर की महिलाओं के नाम पर हैं।
इन खुलासों के बाद आयकर विभाग और नगर निगम दोनों सतर्क हो गए हैं और अब वित्तीय जांच का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस की छानबीन तेज, भतीजे दिव्यांश तोमर से रिमांड पर पूछताछ
CG Crime Update: तोमर बंधु तो अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन पुलिस ने उनके भतीजे दिव्यांश प्रताप तोमर को रिमांड पर लिया है। शनिवार और रविवार रात को अधिकारियों ने उससे गहन पूछताछ की, लेकिन उसका बार-बार एक ही जवाब था—”मुझे कुछ नहीं पता, मेरे चाचा ही बता सकते हैं।”
अब घर की महिलाओं को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा क्योंकि दस्तावेज़ों में उनकी भूमिका भी संदिग्ध दिख रही है।

पुलिस को शक: राज्य से बाहर भागे तोमर बंधु, रिश्तेदारों के घर छिपने की आशंका
CG Crime News: पुलिस को आशंका है कि वीरेंद्र और रोहित तोमर छत्तीसगढ़ छोड़कर किसी रिश्तेदार के यहां छिपे हैं। उन्होंने परिजनों से भी कोई संपर्क नहीं किया है।
अब पुलिस उनकी ससुराल में छापेमारी की तैयारी कर रही है।
आयकर विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। अब यह जांच सिर्फ सूदखोरी नहीं, बल्कि अघोषित आय, संपत्ति और टैक्स चोरी तक पहुंच रही है।
प्रश्न उठ रहे हैं—
- इतनी प्रॉपर्टी कैसे बनी?
- आय का स्रोत क्या था?
- बैंक बैलेंस और सोने की खरीद फंडिंग कहां से हुई?
इन सभी पहलुओं की राजस्व विभाग से जानकारी मांगी गई है।
SSP की दो टूक: गुंडागर्दी करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा
रायपुर SSP ने स्पष्ट किया है कि शहर में गुंडागर्दी, सूदखोरी या जबरदस्ती वसूली करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि ऐसे मामलों में सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं।
पुरानी बस्ती, तेलीबांधा थाना और क्राइम ब्रांच की टीमें वीरेंद्र और रोहित तोमर की तलाश में लगी हुई हैं। दोनों अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, लेकिन तलाश जोरों पर है।

आलीशान जीवनशैली के पीछे छुपी काली कमाई?
तोमर बंधुओं के इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आलीशान जीवन के पीछे छिपी काली कमाई का सच क्या है?
कार्रवाई जारी है, लेकिन साफ है कि ये मामला सिर्फ सूदखोरी का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, कर चोरी और फर्जीवाड़े की लंबी चेन का हिस्सा भी हो सकता है।



