
Mahasamund Ganja Smuggling: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए केलों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही गांजे की एक बड़ी खेप पकड़ी है। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत साढ़े चार करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से झारखंड के रहने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो फलों की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था।
पलसापाली बैरियर पर घेराबंदी और ट्रक से भारी बरामदगी
Mahasamund News: पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि ओडिशा के रास्ते नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने वाली है। इस जानकारी पर तुरंत हरकत में आते हुए बसना थाना पुलिस ने पलसापाली बैरियर के पास नाकेबंदी कर दी। चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध आईशर ट्रक को रोका गया। जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो ऊपर केलों के गुच्छे लदे थे, लेकिन गहराई से जांच करने पर केलों के नीचे 29 बोरियों में भरकर रखा गया 912.760 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का सहारा
तस्करों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। जांच में पता चला कि ट्रक में ओडिशा और उत्तर प्रदेश के फर्जी नंबर प्लेट भी रखे हुए थे। आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग राज्यों की सीमाओं पर नंबर प्लेट बदल देते थे। बरामद किए गए गांजे की कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई है। वहीं, परिवहन में उपयोग किए गए वाहन सहित कुल 4 करोड़ 66 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
झारखंड का आरोपी गिरफ्तार, ओडिशा से यूपी का था प्लान
पुलिस ने इस मामले में झारखंड निवासी अब्दुल नईम (42 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह यह माल ओडिशा के जंगलों से लोड करके उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करने जा रहा था। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सख्त धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया है। अब पुलिस इस नेटवर्क के मुख्य सरगना और ओडिशा में बैठे सोर्स की तलाश में जुट गई है ताकि तस्करी की इस चैन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
ऑपरेशन निश्चय: तीन महीने में 5 हजार किलो से ज्यादा गांजा जब्त
महासमुंद पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में 72 अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 5629 किलो से ज्यादा गांजा पकड़ा गया है। इस दौरान कुल 187 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें से 135 आरोपी अन्य राज्यों के हैं। पुलिस की यह आक्रामक रणनीति तस्करी के रूट, मुख्य केंद्र और खरीदारों पर नजर रखते हुए तैयार की गई है, जिससे तस्करों में दहशत का माहौल है।
तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की पुलिस की रणनीति
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए केवल नाकेबंदी काफी नहीं है, बल्कि इनके सप्लाई नेटवर्क को समझना जरूरी है। पुलिस की विशेष टीमें अब उन ‘डेस्टिनेशन पॉइंट्स’ पर काम कर रही हैं जहां यह माल सप्लाई होना था। इसके साथ ही अंतरराज्यीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर उन रास्तों की पहचान की जा रही है जो तस्करों के पसंदीदा बने हुए हैं। स्थानीय निवासियों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
नशे के खिलाफ जिला प्रशासन का कड़ा संदेश
महासमुंद जिला ओडिशा की सीमा से लगा होने के कारण तस्करी के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत की गई यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि नशे के अवैध कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि इस बड़ी बरामदगी से उत्तर भारत में फैले नशे के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।



