
CG Ration Shop New Timing: छत्तीसगढ़ में पारा चढ़ते ही सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। खाद्य विभाग ने प्रदेश की सभी उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) के समय में व्यापक बदलाव किया है। अब हितग्राही सुबह तड़के से लेकर देर रात तक अपना अनाज ले सकेंगे। यह फैसला विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर लिया गया है जो चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच राशन लेने के लिए कतारों में खड़े होने को मजबूर थे। नई व्यवस्था से न केवल भीड़ कम होगी, बल्कि लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार समय चुनने की आजादी भी मिलेगी।
गर्मी और लू से बचाव के लिए समय सीमा में विस्तार
खाद्य नियंत्रक द्वारा जारी ताज़ा आदेश के मुताबिक अब राशन दुकानें सुबह 7 बजे खुलेगी और रात 9 बजे तक संचालित होंगी। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और धूप के कारण लोग घरों से निकलने में कतराते हैं। इसी को देखते हुए समय सीमा को बढ़ाया गया है ताकि लोग सुबह जल्दी या शाम को धूप ढलने के बाद आसानी से दुकान पहुंच सकें। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी की वजह से किसी भी गरीब परिवार का राशन न छूटे।
दोपहर में 1 से 3 बजे तक रहेगा विश्राम काल
नया नियम जहां उपभोक्ताओं को राहत दे रहा है, वहीं दुकानदारों की सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है। आदेश के अनुसार राशन दुकान संचालक दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक अपनी दुकानें बंद रख सकते हैं। यह दो घंटे का ब्रेक दुकानदारों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को तेज गर्मी से बचने के लिए दिया गया है। इस अंतराल के बाद शाम 3 बजे से दोबारा अनाज का वितरण शुरू कर दिया जाएगा जो रात 9 बजे तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
छुट्टी के दिन भी मिलेगा अनाज, रविवार को नहीं रहेगा अवकाश
अनाज वितरण की प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए प्रशासन ने इस बार छुट्टियों के कैलेंडर में भी बदलाव किया है। अब राशन दुकानें सोमवार से लेकर रविवार तक सातों दिन खुली रहेंगी। सरकारी छुट्टियों के दिन भी वितरण कार्य बंद नहीं होगा। इससे उन कामकाजी लोगों और मजदूरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो सप्ताह के बाकी दिनों में काम पर व्यस्त रहते हैं। अब वे रविवार या किसी भी छुट्टी के दिन अपनी सुविधानुसार राशन प्राप्त कर सकेंगे।
तीन माह के चावल वितरण और भंडारण पर नजर
वर्तमान में राज्य में तीन महीने के चावल का एकमुश्त वितरण कार्यक्रम चल रहा है। हालांकि कुछ इलाकों से भंडारण की कमी की खबरें भी आ रही हैं, जिसके कारण वितरण में थोड़ी देरी हो रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वे सप्लाई चेन की लगातार निगरानी कर रहे हैं और जहां भी स्टॉक कम है, वहां जल्द ही अनाज पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण करें ताकि वितरण प्रणाली में कोई गड़बड़ी न हो।
कामकाजी वर्ग और मजदूरों के लिए वरदान बनी नई व्यवस्था
दुकानों का समय रात 9 बजे तक बढ़ने से सबसे बड़ी राहत दिहाड़ी मजदूरों और नौकरीपेशा वर्ग को मिली है। पहले दुकान जल्दी बंद हो जाने के कारण इन्हें अपने काम से छुट्टी लेनी पड़ती थी या फिर राशन छूट जाता था। अब ये लोग अपना काम खत्म करने के बाद शाम को सुकून से दुकान जा सकेंगे। सरकार की इस पहल से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ने और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।



