
CG Government School Fees Hike: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों पर महंगाई की एक नई मार पड़ी है। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों की विभिन्न मदों की फीस में बढ़ोतरी करने का एक बड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) की ओर से काफी समय पहले एक विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। सरकार ने इस प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है और इसका आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। विभाग की दलील है कि पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों के भीतर व्यावहारिक परीक्षा सामग्री, खेलकूद के सामान और विज्ञान प्रयोगशालाओं (लैब) के रख-रखाव की लागत काफी ज्यादा बढ़ गई है, जिसके चलते यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।

आवश्यक संसाधनों की बढ़ती लागत बनी वजह, मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सरकारी शालाओं में आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों को सुचारू रूप से संचालित करने और बच्चों की सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए इस फंड की सख्त जरूरत थी। हालांकि, सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर सीधा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय है। अब तक बेहद मामूली शुल्क पर पढ़ाई कर रहे बच्चों को नए सत्र में प्रवेश लेते समय और सालाना फीस जमा करते वक्त अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।
बदल गया पूरा फीस स्ट्रक्चर, जानिए अब किस मद में देने होंगे कितने रुपये
शासन द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों और संशोधित तालिका के अनुसार, अलग-अलग गतिविधियों के लिए तय शुल्क में 10 रुपये से लेकर 25 रुपये तक की सीधी बढ़ोतरी की गई है। नया फीस स्ट्रक्चर इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
- एक्टिविटी फीस (सांस्कृतिक गतिविधियां): पहले यह शुल्क 50 रुपये था, जो अब बढ़कर 65 रुपये प्रति छात्र कर दिया गया है।
- खेलकूद फीस: शारीरिक विकास और खेल सामग्री के लिए ली जाने वाली फीस को भी 50 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये कर दिया गया है।
- विज्ञान प्रायोगिक शुल्क (साइंस प्रैक्टिकल फीस): हाई स्कूल के बच्चों के लिए यह फीस 50 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये की गई है।
- हायर सेकंडरी एक्टिविटी फीस: कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए इस शुल्क को 50 रुपये से बढ़ाकर सीधे 75 रुपये कर दिया गया है।
- स्काउट गाइड फंड: इस सामाजिक गतिविधि के लिए अब 50 रुपये के स्थान पर 60 रुपये का भुगतान करना होगा।
- साइंस क्लब फीस: स्कूल स्तर पर संचालित साइंस क्लब की फीस को 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये निर्धारित किया गया है।
- गरीब छात्र सहायता कोष: निर्धन बच्चों की मदद के लिए ली जाने वाली राशि को 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये किया गया है।
रेडक्रॉस फीस में कोई बदलाव नहीं, स्कूल प्रबंधनों को कड़ाई से नियम पालन के निर्देश
राहत की बात केवल इतनी है कि स्कूलों द्वारा ली जाने वाली रेडक्रॉस फीस की राशि में इस बार शिक्षा विभाग ने किसी भी प्रकार का कोई फेरबदल नहीं किया है। यह शुल्क पहले की तरह ही आगामी सत्र में भी मात्र 30 रुपये प्रति छात्र ही बना रहेगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे इस नए फीस स्ट्रक्चर को अपने-अपने स्कूलों के सूचना पटल (नोटिस बोर्ड) पर अनिवार्य रूप से चस्पा करें। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि निर्धारित की गई इस संशोधित गाइडलाइन से एक भी रुपया अतिरिक्त किसी भी छात्र से न वसूला जाए।



