
छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान एक बार फिर बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं। जहां छात्रों को सवालों के सही उत्तर लिखने थे, वहां कई परीक्षार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को भावनात्मक अपीलों और निजी समस्याओं से भर दिया है। मूल्यांकन कर रहे शिक्षकों के सामने ऐसी कॉपियां आई हैं जिनमें छात्रों ने पास होने के लिए अपनी गरीबी, पारिवारिक मजबूरी और यहां तक कि अपनी शादी टूट जाने का डर दिखाया है। हर साल की तरह इस बार भी कॉपियों में उत्तर की जगह लिखी गई ये बातें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
कॉपियों में छात्र ने लिख दी हनुमान चालीसा
मूल्यांकन केंद्रों पर सबसे ज्यादा चर्चा उस छात्र की हो रही है जिसने उत्तर पुस्तिका में सवालों के जवाब लिखने के बजाय पूरी हनुमान चालीसा ही उतार दी। छात्र ने केवल भक्ति नहीं दिखाई बल्कि परीक्षक को धर्म संकट में डालने की भी कोशिश की। उसने नीचे एक नोट लिखा कि यदि जांचने वाले शिक्षक हनुमान जी के सच्चे भक्त हैं, तो वे उसे फेल नहीं करेंगे और पासिंग मार्क्स दे देंगे। आस्था का सहारा लेकर नंबर बटोरने की यह कोशिश शिक्षकों के लिए भी हैरानी भरा अनुभव रही।

‘सर पास कर दो वरना टूट जाएगी शादी’
छात्राओं की कॉपियों में इस बार शादी को लेकर सबसे ज्यादा अपीलें देखने को मिली हैं। एक छात्रा ने भावुक होते हुए लिखा कि वह एक बहुत ही गरीब परिवार से आती है और काफी मुश्किलों के बाद उसकी शादी तय हुई है। छात्रा ने गुहार लगाई कि यदि वह इस परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गई, तो उसकी शादी टूट सकती है। उसने परीक्षक से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि उसे कम से कम 33 अंक देकर पास कर दिया जाए ताकि उसका घर बस सके। ऐसी ही एक अन्य कॉपी में भी शादी का हवाला देकर पास करने की विनती की गई थी।
नीट की तैयारी का दिया हवाला
बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव भी छात्रों की कॉपियों में नजर आया। एक परीक्षार्थी ने अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखा कि वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहता है और पूरा समय नीट (NEET) की कोचिंग और तैयारी में लगा रहा। इस वजह से वह बोर्ड परीक्षा के सिलेबस पर ध्यान नहीं दे पाया और उसकी तैयारी अधूरी रह गई। छात्र ने अपनी इस स्थिति को ‘जेनुइन’ बताते हुए शिक्षक से सहानुभूति दिखाने और पासिंग नंबर देने का अनुरोध किया है।
2.66 लाख से अधिक कॉपियों का हुआ मूल्यांकन
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं की कुल 2,66,173 उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य अब पूरा हो चुका है। विभाग अब परिणामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटा है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कॉपियों में इस तरह की अपील करने या धार्मिक बातें लिखने से नंबरों पर कोई असर नहीं पड़ता है। नियमों के अनुसार केवल सही उत्तरों के आधार पर ही अंक दिए जाते हैं, लेकिन हर साल छात्रों द्वारा ऐसी कोशिशें जारी रहती हैं।
आर्थिक तंगी और भविष्य का डर
कुछ छात्रों ने अपनी कॉपियों में परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति का वर्णन किया है। उन्होंने लिखा कि उनके माता-पिता मजदूरी करके उन्हें पढ़ा रहे हैं और फेल होने पर उनकी पढ़ाई हमेशा के लिए बंद हो सकती है। इन अपीलों को देखकर मूल्यांकन करने वाले शिक्षक भी मानते हैं कि यह छात्रों के भीतर परीक्षा को लेकर बैठे गहरे डर और मानसिक दबाव का नतीजा है। फिलहाल मूल्यांकन का काम खत्म होने के बाद अब सभी की निगाहें आने वाले रिजल्ट पर टिकी हैं।



