CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें स्वास्थ्य विभाग में 100 करोड़ का टेंडर घोटाला, सीएम के सामने विधायक की शिकायत पर भाजपा नेता को नोटिस, खाद की कालाबाजारी पर 7 लाइसेंस सस्पेंड, बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त, प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, दुर्ग में डॉक्टर-गार्ड विवाद पर हंगामा, जंगल सफारी में इलेक्ट्रिक वाहन शुरू, सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा नतीजों पर हाईकोर्ट में याचिका, अवैध खनन के लिए टोल फ्री नंबर जारी और धौरपुर राजपरिवार में मिलीं प्राचीन पांडुलिपियां समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
स्वास्थ्य विभाग के 100 करोड़ के टेंडर पर उठे सवाल, मैच फिक्सिंग का आरोप
रायपुर के चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से जारी करीब 100 करोड़ रुपये का मैनपावर सप्लाई टेंडर विवादों में आ गया है। स्थानीय एजेंसियों और व्यापारिक संगठनों ने इस पूरी प्रक्रिया में मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि टेंडर की शर्तें इस तरह बनाई गईं ताकि किसी पसंदीदा बड़ी कंपनी को फायदा पहुंचे और स्थानीय छोटे कारोबारी दौड़ से बाहर हो जाएं। सबसे ज्यादा विरोध अमानत राशि यानी ईएमडी को लेकर है। 100 करोड़ रुपये के इस काम के लिए सिर्फ 6 लाख रुपये की ईएमडी रखी गई है, जिसे कारोबारी नियमों के खिलाफ बता रहे हैं। इसके अलावा पहले सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कामों के लिए अलग-अलग टेंडर होते थे, लेकिन इस बार सबको एक साथ मिला दिया गया है। टेंडर में 100 करोड़ का टर्नओवर जैसी कड़ी शर्तें रखी गई हैं। केंद्र सरकार के नियमों के बाद भी इसे जेम पोर्टल पर नहीं डाला गया। हालांकि इस मामले में चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. यूएस पैकरा ने कहा कि शिकायतें मिलने के बाद फिलहाल इस टेंडर को हटा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री के सामने विधायक की शिकायत करने पर भाजपा नेता को नोटिस
मनेंद्रगढ़ के ग्राम कुशहा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने अपनी ही पार्टी के विधायक की शिकायत करना एक भाजपा नेता को भारी पड़ गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री मनोज साहू ने सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री से कह दिया कि क्षेत्रीय विधायक सोनहत इलाके के दौरे पर नहीं आते हैं। इस बयान पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ही कह दिया था कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। इसके बाद भाजपा के कोरिया जिला अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए मनोज साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। इस घटनाक्रम पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने चुटकी लेते हुए सरकार की कानून व्यवस्था और सुशासन के दावों पर सवाल खड़े किए हैं।
खाद की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, 7 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड
सक्ती जिले में किसानों को खाद की किल्लत से बचाने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान खाद की बिक्री में गंभीर गड़बड़ियां मिलने पर सात बड़े दुकानदारों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिए गए हैं। कृषि उपसंचालक तरुण प्रधान ने बताया कि जिन दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें कोमल प्रसाद जायसवाल (साराडीह), योगेश कुमार अग्रवाल (फगुरम), सक्ती आधुनिक एफपीओ (भातमहुुल), किसान खाद भंडार (सक्ती), विकास कुमार अग्रवाल (बाराद्वार), आदित्य ट्रेडर्स (कुधरी) और धन लक्ष्मी कृषि केंद्र (लवसरा) शामिल हैं। इन सभी को जवाब देने के लिए 7 दिन का समय मिला है। सही जवाब न मिलने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिए जाएंगे।
बस्तर अब पूरी तरह नक्सल मुक्त, बारूदी सुरंगों को हटाना बड़ी चुनौती
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने दावा किया है कि बस्तर क्षेत्र अब माओवादी गतिविधियों से लगभग पूरी तरह आजाद हो चुका है। मार्च 2026 से इलाके में नक्सली हिंसा की घटनाएं थम गई हैं। केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के साथ स्थानीय लोगों के सहयोग से सुरक्षा बलों को यह बड़ी कामयाबी मिली है। आईजी ने बताया कि अब सबसे बड़ी चुनौती इस शांति को बनाए रखना है। इसके साथ ही नक्सलियों द्वारा जंगलों और पहाड़ों में छिपाकर रखी गई बारूदी सुरंगों और आईईडी को सुरक्षित बाहर निकालना एक मुश्किल काम है। इसके लिए बड़े पैमाने पर डी-माइनिंग अभियान चलाया जा रहा है। सरेंडर कर चुके नक्सलियों की मदद से इन जगहों की पहचान हो रही है। पूरा इलाका माइन फ्री होने में अभी कुछ महीनों का समय और लग सकता है।
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक, ड्रम और बोतल में बिक्री पर रोक
पश्चिम एशिया के हालातों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। खाद्य विभाग के मुताबिक प्रदेश के 2516 पंपों पर 4 करोड़ लीटर से ज्यादा पेट्रोल और 8 करोड़ लीटर से ज्यादा डीजल का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है। ऑयल डिपो से हर दिन जिलों को जरूरत के हिसाब से सप्लाई भेजी जा रही है। खेती के सीजन को देखते हुए डीजल की मांग बढ़ी है, इसलिए आपूर्ति भी बढ़ा दी गई है। हालांकि सुरक्षा और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है। अब पेट्रोल पंपों पर ड्रम, बोतल या जेरीकेन में खुला ईंधन बेचने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसका उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज होगा। किसानों, सरकारी निर्माण कार्यों और अस्पतालों जैसी जरूरी सेवाओं को इस नियम से छूट दी गई है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
दुर्ग में डॉक्टर और गार्ड के विवाद के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का हंगामा
दुर्ग जिले में एक डॉक्टर द्वारा सुरक्षा गार्ड की पिटाई का मामला अब गरमा गया है। इस घटना के विरोध में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में पहुंचकर पुलिस चौकी का घेराव किया। प्रदर्शनकारी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई। मौके पर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था, जिसे संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और पूरे मामले की जांच के बाद कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
नंदनवन जू और जंगल सफारी में शुरू हुई इलेक्ट्रिक गाड़ियां और बोटिंग
नया रायपुर के नंदनवन जू और जंगल सफारी को अब पूरी तरह इको-फ्रेंडली बनाने की तैयारी हो चुकी है। वन मंत्री केदार कश्यप ने सफारी में आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों और बोटिंग सेवाओं की शुरुआत की है। इस बार वन विभाग ने बजट बचाने के लिए प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को अपनाया है, जिससे सरकारी पैसा बचेगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सफारी के बेड़े में 7 नई इलेक्ट्रिक बसें और 5 इलेक्ट्रिक जिप्सी शामिल की गई हैं। तालाब में पर्यटकों के लिए बांस के राफ्ट्स और पॉटून बोट चलाई जा रही हैं। आने वाले दिनों में यहां वाटर साइकिल भी देखने को मिलेगी। इस परिसर में एक विशेष दुकान भी खोली गई है जहां बस्तर आर्ट और छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प मिलेंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
CGPSC मुख्य परीक्षा के नतीजों पर विवाद, मामला पहुंचा हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की मुख्य परीक्षा 2026 के नतीजों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उम्मीदवारों का कहना है कि 19 अप्रैल 2026 को हुई परीक्षा का रिजल्ट आयोग ने महज एक हफ्ते के भीतर जारी कर दिया, जो कि मुमकिन नहीं लगता है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इतनी जल्दी कॉपियों की सही जांच नहीं हो सकती। उन्होंने आरटीआई के तहत भी जानकारी मांगी थी, लेकिन आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू और पोस्टिंग पर रोक लगाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अगस्त 2026 की तारीख तय की है।
अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने जारी किया टोल फ्री नंबर
छत्तीसगढ़ में रेत, गिट्टी और अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने खनिज संपदा की चोरी रोकने के लिए एक विशेष सूचना केंद्र बनाया है। इसके साथ ही आम जनता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-2140 जारी किया गया है। अब राज्य का कोई भी नागरिक इस नंबर पर सीधे फोन करके अवैध खनन की शिकायत दर्ज करा सकता है। इस पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी को नोडल अफसर बनाया गया है। यह केंद्र सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक काम करेगा। शिकायत मिलते ही फ्लाइंग स्क्वाड की टीम मौके पर जाकर कार्रवाई करेगी।
धौरपुर राजपरिवार के पास मिलीं ताड़पत्रों पर लिखी रामायण और महाभारत
सरगुजा जिले के धौरपुर से एक बेहद प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर सामने आई है। यहां के राजपरिवार के पास सदियों पुरानी और दुर्लभ पांडुलिपियां सुरक्षित मिली हैं। ज्ञानभारतम पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत जब इनकी जांच की गई तो शोधकर्ता हैरान रह गए। ताड़पत्रों पर लिखी इन 11 पांडुलिपियों में रामायण, महाभारत, पुराण, विष्णु सहस्त्रनाम और प्राचीन तंत्र विद्या के ग्रंथ शामिल हैं। इनमें से कुछ दस्तावेज साल 1842 और 1959 के समय के हैं। इसके अलावा अर्कसेल राजवंश के इतिहास से जुड़ी जानकारियां भी मिली हैं। जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल ने इस धरोहर का निरीक्षण किया है। अब इन बहुमूल्य प्राचीन ग्रंथों को नष्ट होने से बचाने के लिए इनका डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है, ताकि इन्हें स्कैन करके हमेशा के लिए सुरक्षित रखा जा सके।



