
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में ड्रग विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के कई मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टरी पर्ची के ऐसी दवाएं बेची जा रही थीं जिनका इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है। प्रशासन की बार-बार चेतावनी के बावजूद दुकानदार मुनाफे के चक्कर में नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। ताजा जांच में यह बात साफ हो गई कि कई संचालक प्रतिबंधित दवाओं का रिकॉर्ड तक नहीं रख रहे हैं।
औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
औषधि निरीक्षकों की टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों में अचानक दबिश दी। इस दौरान हरदी बाजार, पाली, बालको और छुरी जैसे क्षेत्रों के लगभग दस मेडिकल स्टोर्स के स्टॉक खंगाले गए। जांच का मुख्य मकसद उन दवाओं की बिक्री रोकना था जिनका दुरुपयोग युवा नशे के तौर पर कर रहे हैं। इस छापेमारी से पूरे जिले के दवा व्यापारियों में हड़कंप मच गया क्योंकि कई जगहों पर भारी गड़बड़ी पाई गई।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर गिरी गाज
जांच के बाद विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इनमें से अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स (हरदी बाजार), जीके मेडिकल स्टोर्स (पाली) और गर्वित मेडिकल स्टोर्स (सोहागपुर) के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इन दुकानों में न तो दवाओं की खरीद का सही ब्यौरा था और न ही बिक्री का रिकॉर्ड। इसी लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने इन तीनों दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
सस्पेंशन के दौरान कारोबार पर रोक
लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद अब ये तीनों मेडिकल स्टोर किसी भी तरह की दवा की खरीद या बिक्री नहीं कर पाएंगे। विभाग ने साफ कर दिया है कि जब तक निलंबन की अवधि प्रभावी है, तब तक दुकान खोलना गैरकानूनी माना जाएगा। बाकी जिन मेडिकल स्टोर को नोटिस दिया गया है, उनके जवाब का भी इंतजार किया जा रहा है। अगर वहां भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो उनके खिलाफ भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
लैब भेजे गए दवाओं के सैंपल
सिर्फ कागजी कार्रवाई ही नहीं बल्कि दवाओं की गुणवत्ता की जांच भी शुरू कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान कोसबाड़ी और कटघोरा क्षेत्र की दुकानों से दवाओं के नमूने लिए गए हैं। इन सैंपल्स को जांच के लिए रायपुर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही इन दुकानों के भविष्य पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
नशे के खिलाफ सख्त हुआ प्रशासन
प्रदेश में नींद की गोलियों और नशीले सिरप की अवैध बिक्री को रोकने के लिए सरकार लगातार अभियान चला रही है। प्रशासन का कहना है कि बिना वैध पर्ची के दवा देना गंभीर अपराध है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। ड्रग विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करने वाले मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें।



