
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य की महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर बीते 10 सालों में सबसे अधिक कॉल घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के आए हैं। खास बात यह है कि अधिकांश मामलों में पति के शराब पीने के बाद हिंसा की शिकायतें दर्ज हुई हैं।
महिलाओं के लिए ‘181 हेल्पलाइन’ बनी जीवनरेखा
महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए शुरू की गई हेल्पलाइन 181 इन दिनों महिलाओं की सबसे बड़ी मददगार साबित हो रही है। बीते 10 सालों में 8 लाख से अधिक कॉल इस हेल्पलाइन पर आए हैं।
इनमें से हजारों महिलाएं शारीरिक, मानसिक या यौन उत्पीड़न की शिकार रहीं, जिन्हें कॉल सेंटर ने तत्काल पुलिस, काउंसलिंग या कानूनी मदद मुहैया कराई।
अपनों के ही अत्याचार से पीड़ित हैं महिलाएं
प्रदेश की बेटियां और महिलाएं सबसे अधिक अपने ही घरों में अत्याचार झेल रही हैं। कोई शराबी पति तो कोई शराबी पिता की हिंसा का शिकार बन रही है। रोजाना घरेलू हिंसा के कई मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में महिलाएं सुरक्षा के लिए अपने ही घरों में संघर्ष कर रही हैं।
10 साल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं
- 2016-17 से अक्टूबर 2025 तक कुल 8,98,354 कॉल हेल्पलाइन पर प्राप्त हुए।
- इनमें से 27,935 मामलों में शिकायत दर्ज की गई और महिलाओं को पुलिस या काउंसलिंग की मदद दी गई।
- 1,53,530 कॉल ऐसे रहे जिनमें केस दर्ज नहीं कराया गया, लेकिन महिलाओं ने फोन पर काउंसलिंग सहायता ली।
- कुल मिलाकर 1,81,465 महिलाओं को हेल्पलाइन से प्रत्यक्ष मदद मिली।
8.98 लाख कॉल में से 7.16 लाख फेक निकले
हैरान करने वाली बात यह है कि कुल कॉल में से करीब 7,16,000 कॉल फेक या इर्रेलेवेंट पाए गए। कई कॉल ऐसे थे जो मनोरंजन के लिए किए गए या फिर मध्यप्रदेश से गलती से ट्रांसफर हुए। दरअसल, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश दोनों राज्यों की कॉल प्रोवाइडर कंपनी एक ही है, जिसके चलते एमपी की सरकारी योजनाओं से जुड़े कुछ कॉल भी छत्तीसगढ़ की हेल्पलाइन पर पहुँच जाते हैं।
फिर भी 181 हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय
महिला हेल्पलाइन 181 प्रदेशभर में 24 घंटे, सातों दिन कार्यरत है। यह सेवा उन महिलाओं के लिए है जो किसी भी प्रकार की शारीरिक, मानसिक या यौन उत्पीड़न का सामना कर रही हैं। हेल्पलाइन टीम प्रत्येक पीड़िता की शिकायत को सुनकर उसका तार्किक समाधान और आवश्यक सहायता प्रदान करने का प्रयास करती है। छत्तीसगढ़ में घरेलू हिंसा के मामलों में तेजी से वृद्धि समाज के लिए चिंता का विषय है। शराब की लत, पारिवारिक कलह और सामाजिक दबाव के कारण महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। जरूरत है कि समाज और प्रशासन मिलकर ऐसे वातावरण का निर्माण करें, जहां महिलाएं सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
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