
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बुजुर्ग मरीज की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने एंबुलेंस की मांग की, लेकिन सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। मजबूर होकर परिवार ने मरीज को एक बड़ी टोकरी में बैठाया और लकड़ी के सहारे डोली बनाकर कंधों पर उठाते हुए अस्पताल तक पहुंचाया।
25 किलोमीटर का सफर, शुरुआती 5 किलोमीटर पैदल
Surajpur News: मरीज को घर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर तक लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी। इस दौरान शुरुआती 5 किलोमीटर का सफर परिजनों को पैदल ही तय करना पड़ा। राहगीरों ने जब यह नजारा देखा तो दंग रह गए और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों ने लिखा कि स्वास्थ्य सुविधाएं केवल कागजों में ही सीमित हैं, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। एक यूजर ने कहा कि यह घटना सरकार के दावों की सच्चाई दिखाती है।

बार-बार सामने आती हैं ऐसी घटनाएं
ग्रामीण और सुदूर अंचलों से मरीजों को चारपाई, बैलगाड़ी या अस्थायी साधनों से अस्पताल ले जाने की खबरें पहले भी आती रही हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं हो पा रहा है। अब सवाल फिर उठ रहा है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।



