
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में रोजगार और बेरोजगारी के वास्तविक आंकड़ों का पता लगाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय को इस व्यापक सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के श्रम बल से जुड़ा सटीक और ताजा डेटा तैयार करना है। इस डेटा के आधार पर सरकार भविष्य में युवाओं के लिए नई योजनाएं बनाने और नीतिगत निर्णय लेने का काम करेगी।
कंप्यूटर आधारित प्रणाली से होगा डेटा संग्रह
प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार है जब आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित होगा। इसके लिए कंप्यूटर असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यू यानी CAPI प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। पारंपरिक कागजी सर्वे के मुकाबले यह डिजिटल तरीका काफी तेज और पारदर्शी माना जाता है। फील्ड में तैनात कर्मचारी सीधे डिजिटल उपकरणों के जरिए जानकारी फीड करेंगे जिससे डेटा में गड़बड़ी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
कर्मचारियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
सर्वेक्षण को त्रुटिहीन बनाने के लिए विभाग ने कमर कस ली है। फील्ड में जाने वाले कर्मियों को डिजिटल उपकरणों के सही इस्तेमाल के लिए विशेष तकनीकी ट्रेनिंग दी जा रही है। इस प्रशिक्षण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि डेटा संग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए और हर व्यक्ति से जुड़ी जानकारी को बिना किसी गलती के पोर्टल पर दर्ज किया जा सके।
नई योजनाओं के मूल्यांकन में मिलेगी मदद
इस डिजिटल सर्वे से मिलने वाले आंकड़ों से राज्य में बेरोजगारी की वास्तविक तस्वीर साफ होगी। इससे सरकार को यह समझने में आसानी होगी कि मौजूदा रोजगार योजनाएं कितनी प्रभावी साबित हो रही हैं। सर्वे के परिणामों के आधार पर ही आने वाले समय में कौशल विकास और नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए रणनीतियां तैयार की जाएंगी। यह सर्वे प्रदेश के विकास की दिशा तय करने में एक अहम कड़ी साबित होगा।



