
CG Former CM Village Diarrhea: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह ग्राम बेलौदी (पाटन) में डायरिया के प्रकोप ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव में अचानक बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए हैं। अब तक संक्रमण के 51 मामले सामने आ चुके हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है और गांव में डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात कर दी गई है। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।
21 मरीजों की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती
बीमारों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। वर्तमान में 21 मरीजों की स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 12 लोगों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में चल रहा है, जबकि 4 मरीज गाड़ाडीह और 3 मरीज सेलूद के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा 2 गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है। स्वास्थ्य अधिकारी लगातार मरीजों के रिकवरी रेट की निगरानी कर रहे हैं।
गांव पहुंची डॉक्टरों की टीम, जांच शुरू
संक्रमण की सूचना मिलते ही जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे और बीएमओ डॉ. भुवनेश्वर कुमार कठौतिया के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम बेलौदी पहुंची। चिकित्सा अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में ही एक अस्थायी कैंप लगा दिया है, जहां हल्के लक्षण वाले मरीजों की जांच और उन्हें ओआरएस के पैकेट व जरूरी दवाइयां बांटी जा रही हैं। टीम इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि संक्रमण की शुरुआत कहां से हुई।
दूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज का शक
शुरुआती जांच में बीमारी की मुख्य वजह दूषित पेयजल को माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव की पाइपलाइन और पानी की टंकियों की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई लीकेज तो नहीं है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि पाइपलाइन में लीकेज की वजह से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा होगा। टीम ने पानी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक ग्रामीणों को पेयजल स्रोतों के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बाजार में गुपचुप खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि गांव के साप्ताहिक बाजार में ठेले पर चाट और गुपचुप खाने के बाद करीब 25 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। इसके बाद बीमारों का आंकड़ा तेजी से बढ़कर 50 के पार पहुंच गया। दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से शुरू हुआ यह संक्रमण अब पूरे गांव में फैलने लगा है। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इसकी सूचना दी गई है ताकि बाजार में बिकने वाले खाने-पीने के सामानों की गुणवत्ता की जांच की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: उबला पानी ही पिएं
सीएमएचओ मनोज दानी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लोग पानी को अच्छी तरह उबालकर और छानकर ही पिएं। इसके अलावा बासी भोजन, खुले में बिकने वाले फल और कटे हुए खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज करने को कहा गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी को भी उल्टी या दस्त की हल्की शिकायत महसूस हो, तो वह घर पर इलाज करने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करे।
साफ-सफाई और ब्लीचिंग का छिड़काव शुरू
संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए गांव में व्यापक स्तर पर साफ- सफाई अभियान चलाया जा रहा है। नालियों और गंदगी वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मरीजों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति है और लोग जल्द से जल्द स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।



