
रायपुर: छत्तीसगढ़ में परिवहन संबंधी सेवाओं को बेहतर बनाने और जनता को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विष्णुदेव साय सरकार लगातार अग्रसर है। इसी कड़ी में परिवहन विभाग से संबंधित कार्यों जैसे ड्राइविंग लाइसेंस और टैक्स भुगतान के लिए अनाधिकृत एजेंटों से जनता को बचाने के लिए राज्य भर में परिवहन सुविधा केंद्र खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार की योजना प्रदेश में एक हजार परिवहन सुविधा केंद्र शुरू करने की है, जिसमें से 500 से अधिक केंद्र अब तक खुल चुके हैं। इन केंद्रों से जनता को घर के पास ही किफायती शुल्क में सेवाएं मिल रही हैं।
दलालों के चंगुल से मुक्ति, सस्ते में मिलेंगी सभी परिवहन सेवाएँ
परिवहन सुविधा केंद्र की स्थापना का सीधा लाभ अब आम जनता को मिल रहा है। जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में लोग पहले दलालों के चक्कर में पड़ते थे, जो परिवहन संबंधी सेवाओं के लिए मोटी रकम वसूलते थे, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ पड़ता था। इस सुविधा के बाद लोगों को दलालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। लोग अपने घरों के निकट ही परिवहन सुविधा केंद्र से सस्ते में सुविधा उठा सकते हैं, जिससे परिवहन सुविधाओं तक लोगों की पहुँच आसान हो जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन और सेवाओं के लिए तय किया गया शुल्क
परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के तहत लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए परिवहन सुविधा केंद्र को अधिकृत किया जा सकता है। मार्गदर्शिका में विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार ऑनलाइन आवेदन के लिए ₹100 सेवा शुल्क, ऑनलाइन फीस और टैक्स भुगतान के लिए (प्रत्येक ₹1,000 या उसके भाग के लिए) ₹50 और लर्निंग लाइसेंस के लिए ₹50 शुल्क तय है। दस्तावेजों की स्कैनिंग और प्रिंट आउट के लिए भी किफायती दरें (₹5 प्रति पेज) निर्धारित की गई हैं।
बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार, 5000 लोगों को नौकरी की योजना
परिवहन सुविधा केंद्रों के संचालन के लिए फ्रेंचाइजी देने से बेरोजगारों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। राज्य सरकार की योजना के तहत 5,000 बेरोजगारों को इस योजना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाने की प्लानिंग की गई है। कोई भी छत्तीसगढ़ का नागरिक, संगठन, संघ, सहकारी समिति या कोई भी विधिक इकाई सुविधा केंद्र के संचालन के लिए पात्र होंगे।
सुविधा केंद्र के लिए पात्रता और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर
केंद्र के संचालन के लिए आवेदक को उच्चतर माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए। कंप्यूटर में डिप्लोमा या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा को प्राथमिकता दी जाएगी, और आवेदक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकताओं में 100 वर्ग फीट का स्वयं का भवन या किराया अनुबंध भवन आवश्यक है, जिसमें लर्निंग लाइसेंस के लिए अलग से विभाजित कक्ष, आवेदकों के लिए प्रतीक्षालय, तकनीकी कक्ष और सीसीटीवी कैमरा होना अनिवार्य है।



