
CG Mahila Congress: छत्तीसगढ़ की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में कसावट लाने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस की पूरी कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। शनिवार को जारी किए गए एक कड़े और आधिकारिक आदेश के तहत प्रदेश कमेटी से लेकर जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक की सभी वर्तमान समितियों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। दिल्ली से आए इस औचक फैसले के बाद राज्य के कांग्रेसी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाने की कवायद, निष्क्रिय चेहरों की होगी छुट्टी
राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा द्वारा जारी किए गए आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संगठन को अधिक ऊर्जावान, मजबूत और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही सुस्ती को दूर करने के लिए यह व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस फैसले के बाद अब नए सिरे से कमेटियों का गठन किया जाएगा, जिसमें केवल उन्हीं महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आगे आने का मौका मिलेगा जो जमीन पर सक्रिय हैं। नई नियुक्तियों में सदस्यता अभियान, जनसंपर्क और संगठन के प्रति समर्पण को ही मुख्य पैमाना माना जाएगा।
गुटबाजी पर लगेगी लगाम, नए और ऊर्जावान चेहरों को आगे लाने की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदली है। इस बड़े फेरबदल से प्रदेश कांग्रेस के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान और गुटबाजी पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। पुराने और निष्क्रिय चेहरों को हटाकर युवाओं को जिम्मेदारी सौंपने से महिला विंग जमीनी स्तर पर दोबारा खड़ी हो सकेगी। पार्टी नेतृत्व इस फैसले के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि केवल पद लेकर बैठने वाले नेताओं के दिन अब लद चुके हैं और काम करने वालों को ही तवज्जो मिलेगी।
दिल्ली से तय होंगी नई नियुक्तियां, जल्द घोषित होंगे नए पदाधिकारियों के नाम
आदेश में साफ तौर पर यह भी उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में आगामी सभी नियुक्तियां और संगठनात्मक जिम्मेदारियां केंद्रीय नेतृत्व की निगरानी में तय होंगी। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा व्यापक चर्चा और सर्वसम्मति के बाद ही नए नामों की घोषणा दिल्ली से की जाएगी। इस कड़े फैसले की लिखित प्रतिलिपि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट को भेज दी गई है। इसके साथ ही राज्य के वरिष्ठ नेताओं और महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिन्हा को भी यह आदेश तामील करा दिया गया है।



