
रायपुर CG ADEO Exam Controversy: छत्तीसगढ़ में सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में गलतियां थीं। उनका कहना है कि 28 सवालों में गंभीर त्रुटियां हैं, जिससे परिणाम पर असर पड़ेगा। अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा को रद्द कर पुनः आयोजित करने की मांग कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
- परीक्षा को तत्काल निरस्त कर फिर से आयोजित किया जाए।
- नए प्रश्नपत्र में 100% सटीक और त्रुटि रहित प्रश्न सुनिश्चित किए जाएं।
- गलत प्रश्नों की जवाबदेही तय हो और परीक्षा रद्द करने का स्पष्ट मापदंड बने।
- मुद्रण और टाइपिंग त्रुटियों में सुधार हो।
- विलोपन और बहु-विकल्प (Multiple Answers) नियम को खत्म किया जाए।
- नकारात्मक अंकन प्रणाली को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया जाए।
विवाद की जड़
14 जुलाई 2025 को व्यापम ने मॉडल उत्तर जारी किए थे। उसमें 21 प्रश्नों में बदलाव किए गए
- 12 प्रश्न विलोपित
- 6 प्रश्नों में एक से अधिक उत्तर सही
- 3 प्रश्नों के उत्तर बदले गए
अभ्यर्थियों का आरोप है कि इसके बाद भी सेट A के 5 प्रश्न (7, 15, 20, 64, 65) अभी भी गलत या असंतोषजनक हैं। इसके अलावा 6 अन्य प्रश्न (18, 41, 44, 46, 62, 87) भी विवादित हैं। यानी कुल 28 सवालों पर सवालिया निशान हैं।

गड़बड़ियों के उदाहरण
- प्रश्न 47 में “Mexican” को गलत छापकर “Maxine” लिख दिया गया।
- प्रश्न 87 में अंग्रेज़ी में “December” और हिंदी में “फरवरी” लिखा गया, जिससे कंफ्यूजन हुआ।
- प्रश्न 18 में सरकारी वेबसाइट और पूर्व परीक्षाओं के उत्तरों से विसंगतियां मिलीं।
- अनुवाद की त्रुटियां भी कई सवालों में सामने आईं, जैसे प्रश्न 7, 20, 47, 87।
बोनस अंक पर नाराजगी
व्यापम के नियम के अनुसार, विलोपित प्रश्नों के बोनस अंक सभी को मिलते हैं। यानी जिसने सवाल हल भी नहीं किया, उसे भी उतने ही अंक मिलेंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि यह मेहनती उम्मीदवारों के साथ नाइंसाफी है।
2.22 लाख उम्मीदवार प्रभावित
इस परीक्षा में 2.22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि 20% से अधिक प्रश्नों में गड़बड़ी है तो पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने 21 अगस्त 2025 को व्यापम को आवेदन देकर अवगत भी कराया, लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।



