
Dhamtari Sand Mining: छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से हो रहे प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से मिले कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद खनिज विभाग पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रहा है। इसी अभियान के तहत धमतरी जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों को आधार बनाकर उड़नदस्ते की टीम ने धमतरी के नदी क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। इस औचक दबिश से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

आधी रात को महानदी में टीम की औचक दबिश
खनिज विभाग के सचिव और संचालक के आदेश पर केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला स्तरीय संयुक्त टीम ने संयुक्त जाल बिछाया था। 31 मई की रात को अधिकारियों की इस टीम ने धमतरी के विभिन्न नदी तटों पर अचानक छापेमारी की। जब टीम ग्राम नारी के पास से गुजरने वाली महानदी के घाट पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। नदी के बीचो-बीच भारी-भरकम 5 चैन माउंटेन मशीनें खड़ी थीं, जो अवैध रूप से रेत निकालने के काम में जुटी हुई थीं।
मौके पर नहीं मिले वैध दस्तावेज
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जब मशीनों के संचालकों और वहां मौजूद कर्मचारियों से रेत निकालने से संबंधित लाइसेंस या कोई अन्य वैध सरकारी आदेश मांगा गया, तो वे कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद संयुक्त टीम ने बिना किसी देरी के अवैध उत्खनन का मामला दर्ज कर लिया। मौके पर ही सभी पांचों बड़ी मशीनों को जब्त कर लिया गया। प्रशासन ने जवाब मांगने के लिए इन मशीनों के मुख्य दरवाजों पर कानूनी नोटिस भी चिपका दिया है।
कानून के तहत भारी मशीनें की गईं सील
खान एवं खनिज अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए टीम ने सभी पोकलेन और चैन माउंटेन मशीनों को सील कर दिया है। जांच की इस पूरी कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम और जिला स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। जब्त की गई इन मशीनों की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। प्रशासन अब इस बात का पता लगा रहा है कि इन मशीनों के असली मालिक कौन हैं और वे कब से इस घाट पर अवैध उत्खनन कर रहे थे।

माफियाओं को सख्त संदेश, जारी रहेगा अभियान
इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि राज्य में अवैध खनन करने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार द्वारा बनाई गई नई निगरानी प्रणाली और सख्त फैसलों की वजह से धमतरी समेत आसपास के जिलों में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम कसने लगी है। अधिकारियों का कहना है कि नदियों के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले और सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।



