
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आम आदमी की जेब पर महंगाई का बड़ा बोझ पड़ने वाला है। भीषण गर्मी के बीच अब खाने-पीने की चीजों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। धमतरी होटल व्यवसायी संघ ने आगामी 6 मई से नाश्ते की कीमतों में 5 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है。 इसके बाद अब जिले के होटलों में समोसा, कचौड़ी और बड़ा जैसे लोकप्रिय नाश्ते 30 रुपये के बजाय 35 रुपये प्रति प्लेट मिलेंगे。 महंगाई की यह मार केवल नाश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि जल्द ही होटल की थाली और अन्य स्ट्रीट फूड के दामों में भी उछाल आने की पूरी संभावना है。
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 993 रुपये का भारी इजाफा
Dhamtari News: महंगाई में इस अचानक तेजी की मुख्य वजह कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि है。 1 मई से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद अब एक सिलेंडर की कीमत 3328 रुपये तक पहुंच गई है。 गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के कारण पिछले दो महीनों से कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है。 धमतरी जिले की लगभग 12 गैस एजेंसियों से रोजाना औसतन 500 सिलेंडरों की खपत होती है, ऐसे में बढ़ी हुई कीमतों ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है。
वैश्विक तनाव का स्थानीय बाजार पर असर: होटल संघ का फैसला
धमतरी होटल व्यवसायी संघ के अध्यक्ष पदमाकर वाइकर के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का असर अब स्थानीय बाजार की खाद्य सामग्रियों पर दिखने लगा है。 तेल और गैस की बढ़ती कीमतों के कारण लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसे देखते हुए संघ ने सर्वसम्मति से नाश्ते की दरें बढ़ाने का निर्णय लिया है。 गौरतलब है कि इससे पहले करीब दो साल पहले नाश्ते की कीमतों में बदलाव किया गया था。 अब 6 मई से मूंग बड़ा, समोसा, कचौड़ी और आलू गुंडा जैसे पकवानों के लिए ग्राहकों को अतिरिक्त जेब ढीली करनी होगी。
घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी और किल्लत की आशंका
कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ता भारी अंतर अब एक नई मुसीबत को जन्म दे सकता है。 आशंका जताई जा रही है कि होटल और ढाबा संचालक अपनी लागत कम करने के लिए नीले (कमर्शियल) सिलेंडर के बजाय लाल (घरेलू) सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं。 यदि प्रशासन ने इस पर कड़ी निगरानी नहीं रखी, तो बाजार में घरेलू गैस की किल्लत पैदा हो सकती है, जिससे आम गृहिणियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा。 वर्तमान में घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, लेकिन कमर्शियल गैस को लेकर व्यापारियों में काफी चिंता है。
भोजन की थाली और चाट-गुपचुप भी होंगे महंगे
होटल व्यवसायियों का कहना है कि केवल नाश्ता ही नहीं, बल्कि अब रेस्टोरेंट में मिलने वाली भोजन की थाली की कीमत में भी 10 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है。 इसके अलावा चाट, गुपचुप और अन्य फास्ट फूड बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर्स ने भी अपनी रेट लिस्ट बदलने की तैयारी कर ली है。 महंगाई के इस दौर में अब छोटे होटल संचालक गैस के बजाय पारंपरिक चूल्हे और भट्ठियों की ओर रुख करने लगे हैं, जहां लकड़ी और कोयले का उपयोग कर लागत को कम करने की कोशिश की जा रही है。
आम जनता की जेब पर बढ़ता वित्तीय बोझ
धमतरी के नागरिकों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि रोजमर्रा का खान-पान अब महंगा हो गया है。 एक तरफ भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित है, तो दूसरी तरफ रसोई के बढ़ते खर्च ने मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है。 स्ट्रीट फूड वेंडर्स और छोटे दुकानदारों का मानना है कि कीमतों में वृद्धि करना उनकी मजबूरी है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों ने कच्चे माल और ईंधन को पहुंच से बाहर कर दिया है。 अब देखना होगा कि प्रशासन कालाबाजारी को रोकने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाता है।



