
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साल 2025 के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में राज्य के विकास और नीतिगत बदलावों से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव विकास शील ने बैठक को लेकर सभी विभाग प्रमुखों को पहले ही निर्देश दे दिए हैं कि वे अपने विभागों से संबंधित लंबित और नए प्रस्ताव जल्द तैयार कर लें। माना जा रहा है कि साल की इस आखिरी बैठक में सरकार जनता को लुभाने वाले कुछ नए फैसलों के साथ आगामी बजट की तैयारियों को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
पिछली बैठक के बड़े फैसलों पर एक नजर
इससे पहले 10 दिसंबर को आयोजित साय कैबिनेट की बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए थे। उस बैठक में सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की वापसी और उनके निपटारे की प्रक्रिया को मंजूरी दी थी ताकि मुख्यधारा में लौटने वालों को राहत मिल सके। इसके अलावा जन विश्वास विधेयक के तहत राज्य के 14 अलग-अलग कानूनों में बदलाव के प्रारूप को भी हरी झंडी दी गई थी ताकि कानून आम नागरिकों के लिए अधिक सरल और मददगार बन सकें। साथ ही विधानसभा में बजट अनुमानों को लेकर विनियोग विधेयक के प्रारूप पर भी मुहर लगाई गई थी।
नए साल के संकल्प और आगामी रणनीतियों पर चर्चा
31 दिसंबर को होने वाली इस बैठक में सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के रोडमैप पर गंभीरता से विचार करेगी। बैठक के एजेंडे में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े नए प्रस्तावों के शामिल होने की उम्मीद है। शासन की प्राथमिकता यह है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री साय इस बैठक के जरिए मंत्रियों और अधिकारियों को नए साल के लिए नए लक्ष्य भी सौंप सकते हैं। विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया गया है कि वे जनहित से जुड़े ऐसे कार्यों की सूची तैयार रखें जिन्हें अगले कुछ महीनों में प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना है।



