CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल निलंबित ग्रामीणों ने किया सुशासन तिहार का बहिष्कार जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की बेटियों ने जीता गोल्ड बलरामपुर में सीआरपीएफ भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी निवास प्रमाण पत्र गिरोह का भंडाफोड़ बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो पर तहसीलदार से मारपीट का आरोप सड़कों पर जन्मदिन मनाने और हुड़दंग पर हाईकोर्ट सख्त सरगुजा में शराब दुकान के विरोध में युवक ने मांगा महुआ बेचने का लाइसेंस दुर्ग के थनौद सुशासन शिविर में विधायक के सामने सीईओ का बवाल सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत जुलाई में विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने की मांग जशपुर में फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर बेटी का एडमिशन कराने वाला शासकीय शिक्षक गिरफ्तार समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
रायपुर: अवैध शराब पर कार्रवाई न करने वाले थाना प्रभारी निलंबित
रायपुर जिले के गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद भी स्थानीय पुलिस इस पर रोक लगाने में नाकाम रही। मामला तब और गंभीर हो गया जब रायपुर की विशेष टीम (ACCU) ने 29 मई को नवापारा के लल्ला सोनवानी के ठिकाने पर छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। इस कार्रवाई के दौरान गोबरा नवापारा के थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल मौके पर पहुंचे। उन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी से एकांत में बातचीत की और कर्तव्य के प्रति लापरवाही दिखाई। रायपुर ग्रामीण की पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिंह ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और वे जिला पुलिस मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।
बिलासपुर: ग्रामीणों ने किया ‘सुशासन तिहार’ का बहिष्कार
बिल्हा ब्लॉक के ग्राम गोढ़ी में सरकार की ओर से विकासखंड स्तरीय सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर जोरदार हंगामा किया। कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी पुरानी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क, खाद और बीज जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, विद्युत और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मंच से जनसमस्याएं उठानी शुरू कीं, तो उनका माइक बंद कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीण और कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए शिविर का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। माहौल गरमाता देख अधिकारियों ने जल्द ही समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया है।
खेल: बास्केटबॉल में छत्तीसगढ़ की बेटियों ने जीता गोल्ड मेडल
छत्तीसगढ़ की महिला खेल प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है। 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ की टीम ने केरल को 55-51 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। पांडिचेरी में 22 से 29 मई 2026 तक आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर की टीमों ने हिस्सा लिया था। इस ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों ने पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है और यह गौरवपूर्ण परिणाम उनकी कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का नतीजा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता राज्य की अन्य उभरती महिला खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।
बलरामपुर: सीआरपीएफ में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ाया
बलरामपुर जिले की कोतवाली पुलिस ने सरकारी भर्ती के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सीआरपीएफ सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर प्रति अभ्यर्थी 3 से 4 लाख रुपये की वसूली करता था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल का गलत इस्तेमाल करते थे। वे दूसरों के असली दस्तावेजों को डाउनलोड कर उन्हें एडिट करते थे और फर्जी पहचान पत्र तथा शैक्षणिक प्रमाण पत्र तैयार कर लेते थे। इन्हीं जाली कागजातों के आधार पर बाहरी अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी बताकर आवेदन भराया जाता था। पुलिस अब आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल डेटा की जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि अब तक कितने लोगों को इस तरह के फर्जी प्रमाण पत्र बांटे गए हैं।
सरगुजा: बीजेपी विधायक पर तहसीलदार से मारपीट का आरोप, केस दर्ज
सरगुजा जिले के सीतापुर से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके साथियों के खिलाफ एक नायब तहसीलदार के साथ मारपीट और बदसलूकी करने का गंभीर मामला दर्ज हुआ है। पीड़ित अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि विधायक के जीजा एक मामले में लंबे समय से जेल में बंद हैं और विधायक उन्हें गलत तरीके से पैरोल दिलाने के लिए जरूरी कागजातों पर दस्तखत करने का दबाव बना रहे थे। अधिकारी का कहना है कि नियमों के तहत कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, जिसके बाद यह विवाद हुआ। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने इस घटना को लेकर पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, इस घटना के बाद अंबिकापुर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। विधायक अपने समर्थकों के साथ आत्मसमर्पण करने निकले थे लेकिन भारी हंगामे के कारण उन्हें लौटना पड़ा। विधायक ने कहा है कि वे जल्द ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करेंगे।
बिलासपुर: सड़कों पर जन्मदिन मनाने वालों के खिलाफ हाईकोर्ट सख्त
सार्वजनिक सड़कों पर गाड़ियां खड़ी कर, रास्ता रोककर और केक काटकर जन्मदिन मनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि बार-बार चेतावनी देने के बाद भी ऐसी घटनाएं नहीं रुक रही हैं, जो सीधे तौर पर अदालती आदेशों की अवहेलना है। अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मामूली जुर्माना लगाकर आरोपियों को छोड़ देने से व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। कोर्ट ने साफ किया कि अगर प्रशासन इन हुड़दंगियों पर लगाम लगाने में नाकाम रहता है, तो हाईकोर्ट खुद संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाकर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करेगा। अदालत ने इसे आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती माना है।
सरगुजा: सरकारी शराब दुकान के विरोध में युवक ने मांगा महुआ का लाइसेंस
सरगुजा जिले के दरिमा गांव में हाल ही में खोली गई सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान का विरोध करने के लिए एक ग्रामीण ने अनोखा रास्ता अपनाया है। गांव के युवक मुनेश्वर सिंह ने स्थानीय सुशासन तिहार शिविर में पहुंचकर प्रशासन को एक लिखित आवेदन सौंपा। इस आवेदन में उन्होंने खुद के लिए महुआ शराब बेचने का लाइसेंस देने की मांग की है। युवक का तर्क है कि अगर सरकार बाहरी या अंग्रेजी शराब की बिक्री को वैध मानकर गांव में दुकान खोल सकती है, तो स्थानीय आदिवासियों की पारंपरिक महुआ शराब को भी बेचने की अनुमति मिलनी चाहिए ताकि ग्रामीणों को रोजगार मिल सके। दरिमा में इस दुकान को बंद कराने के लिए महिलाएं पहले ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंप चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल और आबादी के बीच शराब दुकान खुलने से बच्चों और युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
दुर्ग: सुशासन शिविर में भाजपा कार्यकर्ताओं और अधिकारी के बीच तीखी बहस
दुर्ग जिले के थनौद गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस समय विवादों में घिर गया जब अपनी शिकायत लेकर पहुंचे सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं की जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) से तीखी बहस हो गई। काम के निराकरण को लेकर शुरू हुई बातचीत देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि अधिकारी ने अपना आपा खो दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें अधिकारी भाजपा कार्यकर्ताओं को उंगली दिखाते हुए चुनौती भरे लहजे में बात करते नजर आ रहे हैं। यह पूरा घटनाक्रम स्थानीय विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ, लेकिन वे इस दौरान शांत खड़े रहे। इस घटना के बाद सरकारी शिविरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि जब सत्ताधारी दल के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होती होगी।
रायपुर: शिक्षकों के लिए जुलाई में पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 मई 2026 को दिए गए एक आदेश के बाद छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से जुलाई महीने में ही विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में राज्यों को हर छह महीने के अंतराल पर यह परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यरत शिक्षकों को अपनी जरूरी योग्यता पूरी करने का अवसर मिल सके। कोर्ट ने इन-सर्विस शिक्षकों के लिए समयसीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 तक कर दिया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर परीक्षा को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सात सूत्रीय सुझाव दिए हैं। एसोसिएशन ने मांग की है कि यह परीक्षा पूरी तरह ऑफलाइन यानी ओएमआर शीट आधारित हो, इसमें कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएं और न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत रखा जाए। इसके अलावा शिक्षकों की सुविधा के लिए ब्लॉक स्तर पर ही परीक्षा केंद्र बनाने का सुझाव दिया गया है।
जशपुर: फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर बेटी का दाखिला कराने वाला शिक्षक गिरफ्तार
जशपुर जिले के पत्थलगांव में पुलिस ने एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक चमर साय पैकरा पर आरोप है कि उसने अपनी वास्तविक आमदनी छुपाकर बेटी को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत मुफ्त प्रवेश दिलाया। शिक्षक ने अपनी सालाना आय केवल 75 हजार रुपये बताते हुए एक फर्जी आय प्रमाण पत्र और झूठा शपथ पत्र जमा किया था। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जब आरोपी के वेतन के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि उसकी असली सालाना आय लगभग 6 लाख 79 हजार रुपये है। आदिवासी विकास विभाग की जांच में भी इस धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाने वालों पर आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।



