
Janjgir Champa PM Shri School Principal Suspension: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बलौदा नगर के पीएमश्री शासकीय कन्या प्राथमिक शाला में बच्चों को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की जगह कुछ और ही सिखाया जा रहा था। स्कूल की प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान को दरकिनार कर बच्चों को “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक नारे लगवाना शुरू कर दिया। इस मामले के उजागर होने के बाद इलाके में भारी तनाव है और शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में प्रधान पाठक को सस्पेंड कर दिया है।
स्कूल की प्रार्थना में बदलाव और धर्मांतरण की कोशिश
ग्रामीणों और अभिभावकों ने इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी स्कूल में बच्चों को उनकी संस्कृति से दूर करने की कोशिश की जा रही थी। शिकायत के मुताबिक:
- बच्चों को हिंदू देवी-देवताओं और भारतीय संस्कृति के खिलाफ भड़काया जा रहा था।
- प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान के स्थान पर विशेष धार्मिक वाक्य सिखाए जा रहे थे।
- मासूम बच्चों को धर्मांतरण के लिए मानसिक रूप से प्रभावित करने का प्रयास हो रहा था।
- लंबे समय से शिकायत के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी मामले को दबाए हुए थे।
जनसमस्या निवारण शिविर में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
यह पूरा मामला तब गरमाया जब 7 मई को ग्राम भिलाई में ‘सुशासन तिहार’ के तहत जनसमस्या निवारण शिविर लगाया गया। यहां हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी। शिविर में जैसे ही स्कूल में चल रही गतिविधियों का खुलासा हुआ, वहां मौजूद अधिकारियों में खलबली मच गई। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए और पाया कि मामला गंभीर है।
थाने तक पहुंची आंच और पुलिस की एफआईआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाया है। लोक शांति भंग होने की आशंका और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में बलौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रकरण कायम किया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के कोमल मन पर इस तरह के धार्मिक विचार थोपना अपराध की श्रेणी में आता है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है।
सरकारी खजाने और अनुदान राशि में लाखों का गबन
जांच में यह भी पता चला है कि विवाद सिर्फ धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था। प्रधान पाठक पर स्कूल के फंड में भारी वित्तीय अनियमितता के आरोप भी लगे हैं:
- वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच मिली अनुदान राशि का हिसाब गायब है।
- फर्जी बिल और वाउचर लगाकर सरकारी पैसे को ठिकाने लगाया गया।
- अपने रिश्तेदारों के नाम पर पीपीओ जारी कर राशि आहरित की गई।
- स्कूल प्रबंधन समिति के पैसों को बिना अनुमति के निजी तौर पर खर्च किया गया।
डीईओ का सख्त आदेश: प्रधान पाठक तत्काल प्रभाव से निलंबित
जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज का व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के खिलाफ है। विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। फिलहाल स्कूल में नए शिक्षक की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि बच्चों की पढ़ाई और अनुशासन प्रभावित न हो।
एक तरफ जहां सरकार पीएमश्री स्कूलों को मॉडल बनाने का दावा कर रही है, वहीं ऐसे मामलों ने पूरे सिस्टम की साख पर सवालिया निशान लगा दिया है। ग्रामीणों ने अब इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।



