
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के राजापुर उप तहसील में तैनात नायब तहसीलदार तुषार मानिक को कलेक्टर ने पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई स्थानीय विधायक और तहसीलदार के बीच उपजे बड़े विवाद के बाद की गई है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, हटाए गए नायब तहसीलदार को फिलहाल अंबिकापुर जिला कलेक्टर कार्यालय में संबद्ध (अटैच) किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह आदेश 3 जून को ही तैयार कर लिया गया था, लेकिन इसे सार्वजनिक आज किया गया है।
एसडीएम फागेश सिन्हा पर भी गिर सकती है गाज, सरगर्मी बढ़ी
प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल के बाद से हलचल काफी तेज हो गई है। नायब तहसीलदार पर कार्रवाई होने के बाद अब सीतापुर के एसडीएम फागेश सिन्हा की कुर्सी पर भी संकट मंडरा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एसडीएम को भी सीतापुर से हटाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले एक से दो दिनों के भीतर उनके तबादले का आधिकारिक आदेश भी सामने आ सकता है। विधायक ने कलेक्टर से मुलाकात कर दोनों ही अधिकारियों को क्षेत्र से हटाने की दोटूक मांग की थी।
मारपीट के आरोपों से भड़का था विवाद, तीन दिन बंद रहा कामकाज
इस पूरे सियासी और प्रशासनिक घमासान की शुरुआत 27 मई को हुई थी। सीतापुर विधायक की बहन ने प्रशासनिक अधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। इसके ठीक बाद नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने पलटवार करते हुए विधायक और उनके कार्यकर्ताओं पर मारपीट और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप मढ़ दिए। विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सूबे का कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ लामबंद हो गया और 1 से 3 जून तक प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी हड़ताल पर चले गए, जिससे आम जनता के काम पूरी तरह ठप हो गए थे।

सरकार से बातचीत और समर्थकों के सरेंडर के बाद बनी बात
मामला बढ़ता देख शासन और संगठन के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के पदाधिकारियों ने सूबे के राजस्व मंत्री और सचिव से मुलाकात की, जहां आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इस बीच, 3 जून को विधायक की मौजूदगी में उनके दो समर्थकों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। समर्थकों के सरेंडर के तुरंत बाद ही विधायक ने कलेक्टर से मिलकर दोनों अधिकारियों को हटाने का दबाव बनाया, जिसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया।
राजापुर उप तहसील का बदला प्रभार, दफ्तरों में काम फिर शुरू
कलेक्टर के नए आदेश के तहत राजापुर उप तहसील की जिम्मेदारी अब सीतापुर के मुख्य तहसीलदार उमेश बाज को सौंप दी गई है। वे अपने वर्तमान काम के साथ-साथ इस उप तहसील का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। दूसरी तरफ, शासन से मिले आश्वासन और कार्रवाई के बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। सभी राजस्व कार्यालयों में तालाबंदी खत्म होने से आम लोगों के रुके हुए जमीन-जायदाद से जुड़े कामकाज एक बार फिर सामान्य रूप से शुरू हो गए हैं।



