
रायपुर: Naxalites Press Note: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के माओवादी विरोधी ऑपरेशन के चलते नक्सली पूरी तरह बैकफुट पर आ गए हैं। इस बीच, माओवादी संगठन में बड़ी फूट सामने आई है। पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति उर्फ सोनू द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने की खबर के बाद, अब माड़ डिवीजन कमेटी की सचिव रानीता ने एक महत्वपूर्ण प्रेस नोट जारी किया है।
माड़ डिवीजन ने 15 दिन का मांगा समय, संघर्ष खत्म करने का दावा
माड़ डिवीजन कमेटी की सचिव रानीता ने प्रेस नोट जारी करते हुए केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार से 15 दिनों का वक्त माँगा है। रानीता ने दावा किया है कि इस 15 दिन की अवधि में नक्सली कोई भी गैर कानूनी गतिविधि नहीं करेंगे और न ही हथियार का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने कहा है कि इन 15 दिनों के भीतर माड़ डिवीजन में सक्रिय विभिन्न नक्सलियों से बातचीत की जाएगी, ताकि इस बात पर निर्णायक फैसला लिया जा सके कि हथियार छोड़कर उन्हें किस तरह से मुख्य धारा में लौटना है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अपील का असर?
नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व में चल रही इस उठापटक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अपील का असर माना जा रहा है। शाह ने दो दिन पहले ही साफ कहा था कि नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में वापस लौट आएं, यही उनके लिए आखिरी विकल्प है। शाह के इस बयान के बाद भूपति उर्फ सोनू द्वारा अपने नक्सली संगठन के दायित्वों को छोड़ने की खबर आई थी। अब रानीता का यह पत्र सामने आने के बाद माना जा रहा है कि बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण हो सकता है। फिलहाल दक्षिण बस्तर की डिवीजन में नक्सलियों की बैठकों का दौर शुरू हो चुका है और जल्द ही स्थानीय कैडर महत्वपूर्ण फैसला ले सकते हैं।



