पैंट की जेब में फटा मोबाइल: बिलासपुर में लाइब्रेरी के बाहर छात्र के साथ बड़ा हादसा, आग लगने से मचा हड़कंप

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एक छात्र के साथ खौफनाक हादसा हो गया। सरकंडा इलाके में स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी के पास खड़े एक छात्र की पैंट की जेब में रखा स्मार्टफोन अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि छात्र की पैंट में तुरंत आग लग गई और वह बुरी तरह झुलस गया। इस अचानक हुई घटना से मौके पर मौजूद अन्य छात्रों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि आसपास मौजूद दोस्तों ने फुर्ती दिखाई और समय रहते आग पर काबू पा लिया, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

धमाके के साथ लगी आग: दोस्तों के साथ खड़ा था छात्र

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्र अपने साथियों के साथ सेंट्रल लाइब्रेरी के बाहर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान उसकी जेब में रखे मोबाइल में अचानक कंपन हुआ और एक जोरदार आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया। धमाका होते ही मोबाइल से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। छात्र कुछ समझ पाता, तब तक आग उसकी पैंट में फैल चुकी थी। चश्मदीदों ने बताया कि ब्लास्ट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी, जिससे वहां मौजूद लोग सहम गए।

साथियों की सूझबूझ: मौके पर ही बुझाई गई आग

हादसे के तुरंत बाद छात्र के दोस्तों ने घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और छात्र को प्राथमिक उपचार दिलाया। झुलसे हुए छात्र को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है। हालांकि, छात्र के पैर और जांघ के पास का हिस्सा काफी झुलस गया है। घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और छात्र के साथ-साथ वहां मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए।

पुलिस कर रही जांच: बैटरी या ओवरहीटिंग बनी वजह?

सरकंडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मोबाइल के अवशेषों को जब्त कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ब्लास्ट की मुख्य वजह क्या थी। क्या मोबाइल की बैटरी पहले से फूली हुई थी या फिर धूप और गर्मी की वजह से फोन ओवरहीट हो गया था? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की कंपनी और मॉडल की जानकारी जुटाकर तकनीकी विशेषज्ञों से राय ली जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

तकनीकी विशेषज्ञों की राय: लिथियम-आयन बैटरी हो सकती है घातक

स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां कभी-कभी बम की तरह व्यवहार कर सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर फोन लंबे समय तक चार्जिंग पर लगा रहे या खराब क्वालिटी के लोकल चार्जर का इस्तेमाल किया जाए, तो बैटरी के भीतर शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, अगर फोन गिर जाए और बैटरी में डेंट आ जाए, तो भी आंतरिक रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण वह ब्लास्ट हो सकती है। जेब में टाइट पैंट पहनने की वजह से भी फोन पर दबाव पड़ता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है।

सुरक्षा के लिए बरतें सावधानी: मोबाइल इस्तेमाल के जरूरी नियम

इस हादसे ने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। जानकारों की सलाह है कि फोन को चार्ज करते समय उसका उपयोग न करें और हमेशा ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें। यदि आपका फोन असामान्य रूप से गर्म हो रहा है या उसकी बैटरी फूल रही है, तो उसे तुरंत सर्विस सेंटर दिखाएं। सोते समय फोन को सिर के पास या जेब में लंबे समय तक रखने से बचना चाहिए। सुरक्षा ही इस तरह के तकनीकी हादसों से बचने का एकमात्र रास्ता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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