
देश में क्रिकेट के सबसे बड़े त्योहार आईपीएल (IPL) का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही सट्टेबाजी का काला कारोबार भी पूरे उफान पर है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के तमाम बड़े शहर सटोरियों के नए ठिकाने बन गए हैं। खबर है कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के खाईवालों ने रायपुर के आलीशान होटलों, रिसॉर्ट्स और दूर-दराज के फार्महाउसों में पहले से ही बुकिंग करा ली है। पुलिस की सख्ती के बावजूद राजनीतिक रसूख और रसूखदार कारोबारियों की मिलीभगत से इस बार सट्टे की ‘महादिवाली’ मनाने की तैयारी जोरों पर है।
28 मार्च से शुरू होगा सट्टे का असली खेल: बुकी ने सुरक्षित किए ठिकाने
आईपीएल का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाना है, जिसे लेकर सट्टा बाजार में अभी से दांव लगने शुरू हो गए हैं। रायपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्थित फार्महाउसों को सटोरियों ने अपने कंट्रोल रूम में तब्दील कर दिया है ताकि वे पुलिस की सीधी नजर से बच सकें। इस बार डिजिटल नेटवर्क का जाल इतना गहरा है कि सिंगापुर से लेकर दुबई तक के बड़े खाईवाल सोशल मीडिया और नए मोबाइल एप्स के जरिए स्थानीय बुकी से सीधे जुड़ चुके हैं।
रसूखदारों की जुगलबंदी: सफेदपोश और रसूखदार बने बड़े ‘गेमलर’
हैरानी की बात यह है कि इस अवैध धंधे में केवल आदतन अपराधी ही नहीं, बल्कि कुछ तथाकथित संभ्रांत कारोबारी और राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोग भी सक्रिय हैं। ये रसूखदार लोग सट्टे के इस खेल में मोटी कमाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आईपीएल के दौरान होने वाले अरबों के लेन-देन को मैनेज करने के लिए हाई-टेक सिस्टम और वीआईपी ठिकानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इन रसूखदारों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं।
रायगढ़ पुलिस का एक्शन: धरमजयगढ़ और कोतवाली में दो गिरफ्तार
सट्टेबाजी के खिलाफ जारी अभियान के तहत रायगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर धरमजयगढ़ पुलिस ने मस्जिदपारा निवासी वीरेंद्र मिश्रा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने मोबाइल फोन और व्हाट्सएप के जरिए सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने उसके फोन से अंकों के लेन-देन और फोन-पे के जरिए हुए ट्रांजैक्शन के सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने मौके से मोबाइल और नगदी जब्त कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
ढिमरापुर में भी पुलिस की दबिश: मोबाइल और सट्टा पट्टी बरामद
इसी तरह की एक अन्य कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने ढिमरापुर पुरानी बस्ती में की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 55 वर्षीय श्यामलाल भास्कर को पकड़ा, जो मोबाइल के जरिए सट्टा पट्टी चला रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से नगदी, मोबाइल और सट्टे के हिसाब-किताब वाले कागज बरामद किए हैं। हालांकि, इस मामले का एक अन्य आरोपी सहनावाज मालिक उर्फ सानु फिलहाल फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों के फोन रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
डिजिटल साक्ष्यों से खुलेगा राज: पुलिस की पैनी नजर
पुलिस अब केवल नगद बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल साक्ष्यों (Digital Evidence) को आधार बनाकर बड़े सट्टा नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना बना रही है। गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों और चैटिंग हिस्ट्री की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इनके तार रायपुर या प्रदेश के बाहर किन बड़े बुकी से जुड़े हैं। पुलिस का कहना है कि आईपीएल के दौरान गश्त और निगरानी और सख्त की जाएगी ताकि सट्टेबाजी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को छत्तीसगढ़ की धरती पर पनपने से रोका जा सके।



