शिक्षा के मंदिर में ‘कमाई’ का खेल: छत्तीसगढ़ के 40 जिला शिक्षा अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था की साख उस समय दांव पर लग गई, जब विभाग के सबसे जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी ही भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे नजर आए। एक चौंकाने वाले खुलासे के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 40 जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) पर घूसखोरी, वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। सांख्यिकीय रूप से देखा जाए तो प्रदेश में हर महीने औसतन एक शिक्षा अधिकारी भ्रष्टाचार के किसी न किसी मामले में संलिप्त पाया जा रहा है। जब निगरानी करने वाले हाथ ही मैल से भरे हों, तो स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद बेमानी लगती है।

अनियमितताओं का जाल: खरीदी से लेकर पोस्टिंग तक में खेल

भ्रष्टाचार का यह सिलसिला केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर बच्चों के भविष्य और सरकारी संसाधनों पर पड़ रहा है। जांच में सामने आया है कि अधिकारियों ने न केवल शिक्षकों की नियम विरुद्ध पोस्टिंग और तबादलों में मोटी रकम वसूली, बल्कि स्कूलों के लिए होने वाली फर्नीचर और प्रायोगिक सामग्री की खरीदी में भी करोड़ों का वारा-न्याय किया। सबसे शर्मनाक आरोप लाखों रुपये की सरकारी किताबों को कबाड़ के भाव बेचने का है, जिसने विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

दागियों की सूची: तीन वर्षों का काला चिट्ठा

वर्षअधिकारी का नाम एवं जिलाशिकायत/अनियमितता का प्रकारकार्यवाही की स्थिति
2022-23जे.के. प्रसाद, जशपुरशिक्षकों के पदांकन में अनियमिततादोष सिद्ध नहीं पाया गया
2022-23भोपाल तांडेय, गरियाबंदसवा तीन करोड़ की खरीदी में अनियमिततादोष सिद्ध, कार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23मधुलिका तिवारी, बेमेतराप्रायोगिक सामग्री और फर्नीचर खरीदी में अनियमितताआंशिक दोष सिद्ध, चेतावनी दी गई
2022-23राजेश मिश्रा, कोंडागांवशिक्षकों का तबादला व फर्नीचर खरीदी में गड़बड़ीकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23जी.पी. भारद्वाज, मुंगेलीसूखा राहत सामग्री खरीदी में वित्तीय अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23विनोद राय, सूरजपुरखरीदी में भ्रष्टाचारकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23मधुलिका तिवारी, जशपुरप्रमोशन में नियम विरुद्ध पोस्टिंगकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23चैनू सिंह ध्रुव, बलौदाबाजारनियम विरुद्ध पोस्टिंगकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23राजेश मिश्रा, कोंडागांवग्रंथपाल की नियम विरुद्ध भर्तीकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23के.एस. तोमर, जांजगीर चांपाअनुकंपा नियुक्ति में रिश्तेदारों को लाभनिलंबित, कार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23प्रमोद कुमार ठाकुर, बीजापुरमरम्मत और निर्माण कार्यों में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23जे.के.एस. प्रसाद, जशपुरपोर्टल में रिक्त पदों की गलत जानकारी देनाकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2022-23जे.के.एस. प्रसाद, जशपुरअनुकंपा नियुक्ति में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24अशोक पटेल, कोंडागांवपदस्थापना में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24एच.आर. सोम, राजनांदगांवविधि विरुद्ध अनुकंपा नियुक्तिदोष सिद्ध नहीं, कार्यवाही जारी
2023-24डी.एस. चौहान, प्रभारी DEOनियम विरुद्ध पदोन्नतिदोष सिद्ध नहीं, कार्यवाही जारी
2023-24रामललित पटेल, सूरजपुर3.40 करोड़ की खाद्य सामग्री खरीदी में गड़बड़ीकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24राकेश शर्मा, बलौदाबाजारआत्मानंद स्कूलों में नियुक्ति में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24आर.पी. गिरे, कांकेरपदोन्नति आदेश की जांचकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24संजय गुप्ता, सरगुजासायकल खरीदी में नियमों का उल्लंघनकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24कमल कपूर बंजारे, मोहला मानपुरआत्मानंद स्कूल संविदा भर्ती में गड़बड़ीकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24पी. दासरथी, बिलासपुरअनुकंपा नियुक्ति में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24शशिकुमार प्रसाद, बिलासपुरअनुकंपा नियुक्ति में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24रामानंद हीराधर, बिलासपुरअनुकंपा नियुक्ति में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2023-24बी.एल. कुर्रे, महासमुंदGPF खाते से नियम विरुद्ध आहरणकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25एस. चंद्रसेन, महासमुंदप्रधान पाठक पदोन्नति में नियम विरुद्ध कार्यकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25भारती प्रधान, जगदलपुरईओडब्ल्यू (EOW) में शिकायतकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25हिमांशु भारतीय, रायपुरस्कूल मान्यता संबंधी घोटालाकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25विजय खंडेलवाल, रायपुरस्कूल मान्यता संबंधी घोटालाकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25आर.एल. ठाकुर, रायपुरमान्यता संबंधी अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25रामललित पटेल, सूरजपुररिश्वत मामले में ACB द्वारा गिरफ्तारीकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25एल.पी. पटेल, सारंगढ़कलेक्टर उड़नदस्ता दल में बिना अनुमति बदलावकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25ए. खरे / अ. जायसवाल, राजनांदगांवलाखों की किताबें कबाड़ में बेचने का मामलाकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25पी.के. भटनागर / टी. जगदल्लेलाखों की किताबें कबाड़ में बेचने का मामलाकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2024-25रामललित पटेल (जेल में), सूरजपुरलाखों की किताबें कबाड़ में बेचने का मामलाकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2025-26डी.एम. मिश्रा, सारंगढ़यूनिफॉर्म की आवश्यकता से अधिक जानकारी देनाकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2025-26अशोक कुमार सिन्हा, सरगुजायुक्तियुक्तकरण (Rationalization) में अनियमितताकार्यवाही प्रक्रियाधीन
2025-26बी. बाखला (रिटायर्ड), रायगढ़क्रय प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतकार्यवाही प्रक्रियाधीन

जवाबदेही और निगरानी तंत्र पर गहराते सवाल

जिला शिक्षा अधिकारी किसी भी जिले की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उनके कंधों पर स्कूलों का प्रबंधन, शिक्षकों का अनुशासन और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी होती है। लेकिन जब ये अधिकारी स्वयं ही आत्मानंद स्कूलों की संविदा भर्ती, भविष्य निधि (GPF) खातों से अवैध आहरण और अनुकंपा नियुक्तियों में अपनों को उपकृत करने जैसे कार्यों में लग जाएं, तो पूरा तंत्र चरमरा जाता है। सरकारी तंत्र की यह शिथिलता दर्शाती है कि कहीं न कहीं निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला सिस्टम बेहद कमजोर हो चुका है।

क्या होगा आगे: जांच रिपोर्ट और सरकारी रुख

वर्तमान में, आरोपित 40 डीईओ में से अधिकांश के खिलाफ विभागीय जांच और कानूनी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शासन को विभिन्न समितियों और जांच दलों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी या अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। भ्रष्टाचार के इस दीमक को हटाने के लिए विभाग में बड़े बदलाव और तकनीकी पारदर्शिता (जैसे ऑनलाइन पोस्टिंग सिस्टम) की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है।

निष्कर्ष: साख बचाने की चुनौती

रायपुर से लेकर बस्तर और सरगुजा तक फैले भ्रष्टाचार के इस संगठित ढांचे ने शिक्षा विभाग की छवि को धूमिल किया है। “पढ़ाई छोड़ कमाई” में लगे इन अफसरों की वजह से न केवल सरकारी खजाने को चूना लगा है, बल्कि उन हजारों बच्चों का हक भी मारा गया है जिन्हें बेहतर संसाधन मिल सकते थे। शिक्षा सुधार की कोई भी योजना तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक कि कार्यान्वयन करने वाले अधिकारी नैतिक रूप से सुदृढ़ न हों। विभाग के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी खोई हुई साख को वापस पाना और पारदर्शी व्यवस्था कायम करना है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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