
CG Tehsildar Strike End: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील के अंतर्गत आने वाले राजापुर उप तहसील का विवाद अब सुलझ गया है. नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ हुई कथित मारपीट और स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. शासन स्तर पर हुई मैराथन चर्चा और मामले में पुलिस की वैधानिक कार्रवाई शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ले ली है. इस निर्णय के साथ ही प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आज से अपने-अपने दफ्तरों में काम पर वापस लौट रहे हैं.
राजस्व मंत्री और सचिव के साथ बैठक में बनी सहमति, सरकार ने दिया ठोस आश्वासन
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 1 जून को प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री और विभागीय सचिव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी. इस बैठक के दौरान संघ ने केवल राजापुर की घटना में शामिल दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग ही नहीं रखी, बल्कि अधिकारियों की कार्यस्थल पर सुरक्षा, आवश्यक संसाधनों की कमी और नए स्टाफ की भर्ती जैसे बुनियादी मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया. इसके अलावा सरकारी वाहनों की उपलब्धता और राजस्व न्यायालयों के बुनियादी ढांचे को सुधारने की मांग भी की गई, जिस पर शासन ने चरणबद्ध तरीके से उचित कदम उठाने का पूरा भरोसा दिया है.
सामूहिक अवकाश का फैसला फिलहाल स्थगित, आज से सुचारू रूप से चलेंगे कोर्ट के काम
सरकार की तरफ से मिले सकारात्मक आश्वासन और आरोपियों के खिलाफ की गई शुरुआती पुलिसिया कार्रवाई को देखते हुए संघ ने अपने आंदोलन को रोकने का निर्णय लिया है. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित सामूहिक अवकाश को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. 4 जून यानी आज से ही राज्य के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने नियमित शासकीय दायित्वों का निर्वहन शुरू कर देंगे. दफ्तरों के खुलने से आम जनता से जुड़े राजस्व मामले, न्यायालयीन प्रक्रियाएं, निर्वाचन और जनगणना से जुड़े काम एक बार फिर सामान्य रूप से संचालित होने लगेंगे.
दो नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की वैधानिक कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की तरफ से भी त्वरित कार्रवाई देखने को मिली है. सरगुजा जिले के सीतापुर थाने द्वारा 3 जून को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिक की लिखित शिकायत पर अपराध क्रमांक 190/2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. मामले के नामजद आरोपी नाजिम राजा और पंकज गुप्ता की थाने में उपस्थिति दर्ज कराई गई है और पुलिस ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
जानिए क्या है पूरा विवाद, जिसकी वजह से ठप हो गया था राजस्व विभाग का कामकाज
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर अपने साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का संगीन आरोप लगाया. इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने सुरक्षा की मांग को लेकर काम बंद कर दिया था, जिसके बाद यह मामला सीधे शासन स्तर तक पहुंच गया.
जेल में बंद आरोपी की पैरोल के कागजात बनवाने को लेकर शुरू हुआ था झगड़ा
इस विवाद के पीछे की वजह एक पारिवारिक और कानूनी मामला है. दरअसल विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन सीमा धनकी अपने पति को जेल से पैरोल पर छुड़ाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक दस्तावेज तैयार करवाने के सिलसिले में नायब तहसीलदार के कार्यालय पहुंची थीं. सीमा धनकी के पति एक हत्या के मामले में जेल की सजा काट रहे हैं. कागजी कार्रवाई के दौरान दफ्तर में दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जिसने बाद में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया.
विधायक की बहन ने भी लगाया दुर्व्यवहार का आरोप, पुलिस मामले की विवेचना में जुटी
एक तरफ जहां नायब तहसीलदार ने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है, वहीं दूसरी तरफ विधायक की बहन सीमा धनकी ने भी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जब वे अपने काम के सिलसिले में दफ्तर गई थीं, तब नायब तहसीलदार ने उनके साथ अमर्यादित और खराब व्यवहार किया. फिलहाल दोनों पक्षों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सीतापुर थाना पुलिस घटना की वास्तविक सच्चाई का पता लगाने के लिए मामले की गहन विवेचना कर रही है.



