CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें ‘मन की बात’ में अबूझमाड़, खाद के साथ नैनो यूरिया की अनिवार्यता खत्म, वन नेशन वन इलेक्शन का रोडमैप, हाई कोर्ट का ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ फैसला, बिलासपुर सुशासन शिविर में हंगामा, नगरीय निकाय उपचुनाव का मतदान, शिक्षा विभाग में नियमों के खिलाफ अटैचमेंट, 3750 शिक्षकों पर TET का संकट, रायपुर रिसोर्ट में अवैध जुआ क्लब सील और बेमेतरा कन्या विवाह में अव्यवस्था पर भड़के रमन सिंह समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
‘मन की बात’ में गूंजा अबूझमाड़: पीएम मोदी ने की बस्तर के बदलते स्वरूप की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में इस बार छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का जिक्र हुआ। पीएम मोदी ने कभी धुर नक्सल प्रभावित और बेहद दुर्गम रहे अबूझमाड़ के ईरकभट्टी गांव में हुए एक कार्यक्रम की झलक देश के सामने रखी। इस खास प्रसारण को देखने के लिए प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप खुद ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ईरकभट्टी में मौजूद रहे। पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में पहुंचे वन मंत्री ने इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब अबूझमाड़ का नाम आते ही सिर्फ हिंसा और पिछड़ेपन की तस्वीर सामने आती थी। लेकिन आज केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की बदौलत यहां पक्की सड़कें, स्कूल और बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। अब यह इलाका विकास और जनभागीदारी की नई इबारत लिख रहा है।
किसानों के लिए बड़ी राहत: रासायनिक खाद के साथ नैनो यूरिया लेने की मजबूरी खत्म, गड़बड़ी करने वाले 8 केंद्रों पर ताला
कोरबा जिले के किसानों के लिए इस खरीफ सीजन में राहत की खबर है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सहकारी समितियों से खाद खरीदते समय किसानों को जबरन नैनो यूरिया या नैनो डीएपी नहीं दिया जाएगा। यह पूरी तरह से किसानों की मर्जी पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए कृषि विभाग रियायती दरों पर नील हरित काई और ढैंचा-मूंग के बीज भी बांट रहा है। कृषि विभाग के उप संचालक डीपीएस कंवर ने बताया कि जिले में खाद और बीज का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। कालाबाजारी और गड़बड़ी रोकने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर अब तक 115 केंद्रों की औचक जांच की जा चुकी है। इस कार्रवाई में अनियमितता पाए जाने पर 8 केंद्रों के लाइसेंस और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जबकि 28 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। एक केंद्र से 58 बोरी अवैध यूरिया भी जब्त किया गया है।
वन नेशन, वन इलेक्शन का खाका तैयार: क्या छत्तीसगढ़ की राजनीति पर पड़ेगा असर?
देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की कवायद तेज हो गई है। संयुक्त संसदीय समिति एक विशेष दो-चरणीय व्यवस्था पर काम कर रही है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में भी दिखने लगा है। इस योजना के तहत साल 2029 और 2034 को लक्ष्य बनाया गया है। शुरुआती योजना के अनुसार, साल 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ ही देश के करीब 20 राज्यों में विधानसभा चुनाव करा दिए जाएंगे। कमेटी का कार्यकाल साल 2026 के मानसून सत्र तक बढ़ा दिया गया है, जिससे इस कानून के जल्द बनने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव साल 2028 के आखिर में होना है, ऐसे में अगर यह नियम लागू होता है तो यहां के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। भारत में साल 1952 से 1967 तक एक साथ चुनाव होते थे, लेकिन बाद में राज्यों में सरकारें गिरने से यह व्यवस्था टूट गई थी। अब पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की रिपोर्ट के आधार पर इस पुरानी व्यवस्था को वापस लाने की तैयारी है।
बरी होने के बाद भी नहीं मिलेगा पिछला वेतन: हाई कोर्ट ने कहा ‘काम नहीं तो दाम नहीं’
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के रुके हुए वेतन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी कर्मचारी को आपराधिक मामले के कारण नौकरी से निकाला गया था और बाद में वह कोर्ट से बरी हो जाता है, तो भी वह घर बैठे समय का पूरा पिछला वेतन और एरियर नहीं मांग सकता। यह मामला बिजली विभाग के एक पूर्व सुपरवाइजर से जुड़ा है, जिन्हें भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने पर बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की। जब तक कोर्ट का फैसला आया, वह अपनी सेवानिवृत्ति की उम्र पूरी कर चुके थे। हाई कोर्ट ने उन्हें आरोपों से बरी तो कर दिया, लेकिन बिजली विभाग ने उन्हें नौकरी से बाहर रहने की अवधि का वेतन देने से मना कर दिया। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कर्मचारी की याचिका खारिज कर दी और कहा कि जब उस अवधि में कोई काम नहीं किया गया, तो वेतन का दावा नहीं किया जा सकता।
सुशासन शिविर में हंगामा: बिलासपुर में मंच पर आपस में भिड़े बीजेपी विधायक और कांग्रेस नेता
बिलासपुर के बिल्हा क्षेत्र में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय बेहद गर्मा गया जब बीजेपी विधायक और कांग्रेस नेता आपस में उलझ गए। बिल्हा विधानसभा के ग्राम गोढ़ी में सुशासन तिहार के तहत एक शिविर का आयोजन किया गया था, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने माइक संभाला और क्षेत्र में बिजली, पानी, खराब सड़कों और किसानों को खाद न मिलने का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता के तीखे सवालों के जवाब में जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक धरमलाल कौशिक बोलने खड़े हुए, तो दोनों पक्षों में बहस बढ़ गई। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे नाराज होकर विधायक ने मंच से ही तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद पंडाल में भारी हंगामा शुरू हो गया और दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया।
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनाव आज: 5 नगर पंचायत अध्यक्ष पदों पर सीधी टक्कर
प्रदेश में नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनाव के लिए सोमवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस उपचुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा पांच नगर पंचायत अध्यक्ष पदों की है, जहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। इन पांच पदों के लिए कुल 19 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अध्यक्ष पदों के अलावा 71 पार्षद पदों के लिए भी कुल 221 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कई वार्डों में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबले के कारण स्थिति बेहद दिलचस्प बनी हुई है। सोमवार को मतदान संपन्न होने के बाद आगामी 4 जून को वोटों की गिनती की जाएगी और उसी दिन चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। इन नतीजों को स्थानीय राजनीति के लिहाज से दोनों प्रमुख दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों का अटैचमेंट: शासन की रोक के बाद भी खेल जारी, चार जिला शिक्षा अधिकारियों को नोटिस
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में संलग्नीकरण यानी अटैचमेंट व्यवस्था पर पूरी तरह रोक होने के बावजूद कई जिलों में नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार ने जून 2025 में ही शिक्षकों और प्राचार्यों के सभी प्रकार के अटैचमेंट को तत्काल प्रभाव से खत्म करने का आदेश दिया था। शिकायत के मुताबिक, रायपुर जिले में एक पीएम श्री स्कूल के प्राचार्य को बिना सक्षम अनुमति के समग्र शिक्षा कार्यालय में अटैच कर दिया गया। इसी तरह धमतरी और बलौदाबाजार जिलों में भी बड़े पैमाने पर शिक्षकों को उनके मूल स्कूल से हटाकर दूसरे कार्यालयों में संबद्ध किया गया, जिससे स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जांजगीर-चांपा में तो एक शिक्षक को नियम विरुद्ध तरीके से राजपत्रित पद का प्रभार दे दिया गया। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों से तय समय में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 3750 शिक्षकों पर संकट: शिक्षक संघ ने मांगी विशेष विभागीय परीक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने देश के प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर छत्तीसगढ़ के करीब 3750 कार्यरत शिक्षकों पर पड़ने वाला है। कोर्ट के इस ऐतिहासिक आदेश के बाद अब इन शिक्षकों को अपनी नौकरी की सुरक्षा और भविष्य में पदोन्नति पाने के लिए इस परीक्षा को पास करना जरूरी होगा। इस फैसले के आते ही छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन सक्रिय हो गया है। संघ ने स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर मांग की है कि जुलाई 2026 में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक विशेष विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा आयोजित की जाए। हालांकि, राहत की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा पास करने की अंतिम तिथि को 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है। साथ ही राज्य सरकारों को साल में कम से कम दो बार टीईटी परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया है।
रायपुर के कल्पवृक्ष रिसोर्ट में पुलिस का छापा: अवैध कैसिनो और जुआ क्लब सील
रायपुर के पुराने धमतरी रोड स्थित कोलार इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध जुआ क्लब को सील कर दिया है। कल्पवृक्ष रिसोर्ट के अंदर बने खोखी जिमखाना क्लब में बिना किसी अनुमति के पोकर और रमी जैसे हाई-प्रोफाइल कार्ड गेम्स खिलाए जा रहे थे। इस बात की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एसएसपी श्वेता सिन्हा श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस टीम ने वहां अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में ताश की पत्तियां, पोकर टेबल्स और रमी का पूरा सेटअप जब्त किया। पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गेमिंग जोन को तुरंत सील कर दिया है। प्रशासन ने क्लब संचालकों को नोटिस जारी कर इस जुआ संचालन से जुड़े वैध दस्तावेज पेश करने को कहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
बेमेतरा कन्या विवाह समारोह में अव्यवस्था: जिला प्रशासन पर भड़के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। आयोजन के दौरान अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई, जिससे मुख्य मंच का टेंट गिर गया और कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। हालात इतने खराब हो गए कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी के बावजूद आशीर्वाद समारोह, लोकार्पण और भूमिपूजन जैसे सभी कार्यक्रम रद्द करने पड़े। इस अव्यवस्था को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सर्किट हाउस में कलेक्टर और एसपी को सार्वजनिक रूप से टोकते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल वहां मौजूद था, तब भी प्रशासन ढाई घंटे तक कोई वैकल्पिक जगह नहीं ढूंढ पाया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने 15 साल के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में ऐसी बदइंतजामी कभी नहीं देखी।



