CG Susashan Tihar: सुशासन तिहार में अजीबोगरीब मांग: शिविर में आबकारी विभाग को दिया आवेदन, बोले- शराब दुकान में ‘गोवा ब्रांड’ उपलब्ध कराओ

Susashan Tihar Pithora : छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से प्रदेश भर में ‘सुशासन तिहार’ के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन समाधान शिविरों में आमतौर पर लोग बिजली, पानी, सड़क और राशन कार्ड जैसी बुनियादी दिक्कतों को लेकर पहुंचते हैं। हालांकि, महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम मुढ़ीपार में शुक्रवार को आयोजित शिविर में एक बेहद अलग और अजीबोगरीब मांग सामने आई। यहां एक ग्रामीण ने अपनी समस्या बताने के बजाय आबकारी विभाग के काउंटर पर जाकर लिखित आवेदन सौंप दिया। इस आवेदन में मांग की गई थी कि क्षेत्र की सरकारी शराब दुकानों में ‘गोवा ब्रांड’ की मदिरा उपलब्ध कराई जाए।

अजीबोगरीब डिमांड सुनकर मुस्कुराए प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल

इस विशेष शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल मौजूद थे। उनके साथ मंच पर क्षेत्रीय सांसद रूपकुमारी चौधरी और स्थानीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल सहित जिले के तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारी बैठे हुए थे। जब मंच से आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा शुरू हुई, तब इस अनोखी मांग का खुलासा हुआ। शिविर में आए इस दिलचस्प आवेदन की चर्चा जैसे ही पंडाल में गूंजी, वहां मौजूद अधिकारी और आम लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

आबकारी अधिकारी ने किया खुलासा, जिले में पहले भी आ चुकी है ऐसी शिकायत

समीक्षा के दौरान जब प्रभारी मंत्री ने आबकारी विभाग के काउंटर से आई शिकायतों की जानकारी मांगी, तो वहां तैनात अधिकारी ने एक दिलचस्प आंकड़ा सामने रखा। अधिकारी ने बताया कि सुशासन तिहार के तहत अब तक विभाग को जिले भर से कुल दो ही आवेदन मिले हैं। ताज्जुब की बात यह है कि दोनों ही आवेदनों में किसी वित्तीय गड़बड़ी या अवैध शराब की शिकायत नहीं थी, बल्कि दोनों में ही शराब दुकानों में ‘गोवा ब्रांड’ का स्टॉक बढ़ाने की गुहार लगाई गई थी। आबकारी अधिकारी की यह बात सुनते ही मंच पर बैठे प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल भी अपनी मुस्कान नहीं छिपा सके और पूरे शिविर में ठहाके गूंज उठे।

मंत्री का भरोसा: कोई भी आवेदन कचरे के डिब्बे में नहीं जाएगा, सबका होगा परीक्षण

हंसी-मजाक के माहौल के बीच प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने प्रशासनिक गंभीरता को बनाए रखा। उन्होंने मीडिया और जनता के सामने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार का मकसद हर नागरिक की बात को सुनना है। मंत्री ने कहा कि शिविर में आने वाले हर एक आवेदन को रिकॉर्ड में लिया जा रहा है और किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि जनता का कोई भी आवेदन कचरे के डिब्बे में नहीं जाएगा, बल्कि नियमों के दायरे में रहकर सभी आवेदनों का उचित परीक्षण और निराकरण किया जाएगा।

Also Read: CG Sushasan Tihar: सुशासन तिहार में अजीब मांग: ग्रामीणों ने कहा- हमारे गांव में शराब दुकान खोल दो, अवैध बिक्री से मिल जाएगी मुक्ति

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button