
Bilaspur Fake Spices Raid: छत्तीसगढ़ का बिलासपुर जिला इन दिनों नकली सामानों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. कभी सिगरेट तो कभी चाय पत्ती और ईनो के नाम पर बाजार में डुप्लीकेट प्रोडक्ट्स खपाए जा रहे हैं. ताजा मामला एवरेस्ट कंपनी के मसालों से जुड़ा है, जहां खाद्य विभाग ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये का संदिग्ध माल पकड़ा है. प्रशासन की इस सक्रियता से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है.
नकली सामानों का नया ठिकाना बना बिलासपुर
बिलासपुर जिले में नामी कंपनियों के नाम पर नकली सामान बेचने का अवैध कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है. इससे पहले भी यहां गोल्ड फ्लैक सिगरेट, रेड लेबल चाय पत्ती और ईनो जैसे कई लोकप्रिय ब्रांड्स के नकली वर्जन पकड़े जा चुके हैं. छापेमारी के दौरान आए दिन गोदामों और दुकानों से बड़ी मात्रा में घटिया दर्जे का सामान बरामद हो रहा है. यह सीधा आम जनता की सेहत और उनकी जेब के साथ खिलवाड़ है, जिसे रोकने के लिए विभाग अब लगातार निगरानी रख रहा है.
मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के गोदाम पर पड़ा छापा
एवरेस्ट कंपनी की ओर से मिली आधिकारिक शिकायत के बाद खाद्य विभाग की टीम ने व्यापार विहार इलाके में स्थित श्री बालाजी कार्गो मूवर्स पर अचानक दबिश दी. जांच के दौरान वहां से भारी मात्रा में संदिग्ध मसाले मिले, जिनकी पैकेजिंग हुबहू असली ब्रांड जैसी ही तैयार की गई थी. अधिकारियों ने मौके से लाखों रुपये के इन उत्पादों को जब्त कर लिया है. इस पूरी कार्रवाई के समय कंपनी के प्रतिनिधि भी प्रशासनिक टीम के साथ वहां मौजूद रहे.
सैंपलों की लैब जांच शुरू और रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेषज्ञों को तुरंत बुलाया गया. टीम ने गोदाम में रखे अलग-अलग मसालों के सैंपल लिए हैं जिन्हें सरकारी लैब में विस्तृत जांच के लिए भेजा गया है. वहीं, कार्गो मूवर्स कंपनी के संचालकों ने अपना बचाव करते हुए अधिकारियों को बताया कि यह सारा माल उनका नहीं है. उनका दावा है कि किसी अन्य व्यक्ति ने यह सामान केवल वहां रखवाने के लिए पहुंचाया था.
एफआईआर की तैयारी और आगे की पूछताछ
प्रशासन अब इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रहा है. अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े संगठित गिरोह का काम हो सकता है जो शहर में नकली मसालों की सप्लाई चेन चला रहा है. फिलहाल संबंधित लोगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है. विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस फर्जीवाड़े का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और यह नकली माल बिलासपुर के अलावा किन अन्य क्षेत्रों में भेजा जा रहा था.



