
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग में 700 पदों पर भर्ती का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह कदम प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आया है और साथ ही महाविद्यालयों में लंबे समय से खाली पदों की कमी को दूर करेगा।
625 सहायक प्राध्यापक पदों की भर्ती से पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ेगी
स्वीकृत 700 पदों में से 625 पद सहायक प्राध्यापकों के लिए हैं।
- इन पदों पर भर्ती से कॉलेजों में शिक्षण कार्य सुदृढ़ होगा।
- शोध कार्यों और अकादमिक गतिविधियों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
- विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
25 क्रीड़ा अधिकारी पदों से खेलकूद को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों की भर्ती भी स्वीकृत की है।
- इन नियुक्तियों से कॉलेजों में खेल गतिविधियों और शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
50 ग्रंथपाल पदों से पुस्तकालय होंगे सशक्त
शासकीय महाविद्यालयों में ग्रंथपाल के 50 पदों पर भर्ती होगी।
- पुस्तकालयों का संचालन और प्रबंधन बेहतर होगा।
- विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री व्यवस्थित और सुलभ रूप से मिलेगी।
- अकादमिक माहौल और भी मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के बयान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा:
“यह निर्णय प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने और महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण वातावरण निर्मित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण और सीखने के अवसर मिलेंगे, साथ ही आने वाली पीढ़ी का भविष्य सशक्त होगा।”
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा:
“मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती का निर्णय न केवल उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देगा बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक होगा।”
हाल ही में हुए अन्य भर्ती प्रयास
पिछले 21 माह में सरकार ने कई विभागों में भर्ती प्रक्रिया चलाई है, जिनमें शामिल हैं:
- महिला एवं बाल विकास विभाग – आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका
- स्वास्थ्य विभाग – विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्सा अधिकारी
- आदिम जाति विकास विभाग – छात्रावास अधीक्षक
- इसके अलावा, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शिक्षकों के 5000 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।
युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर
यह निर्णय न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत शैक्षणिक वातावरण भी उपलब्ध कराएगा। इससे शिक्षा, शोध, खेल और पुस्तकालय प्रबंधन सभी क्षेत्रों में सुधार होगा।



