
धमतरी: धमतरी जिले में पुलिस के त्वरित और प्रभावी सहयोग से एक ग्रामीण को बड़ी राहत मिली है। ग्राम नवांगांव कंडेल निवासी घनश्याम राजपुरिया (45 वर्ष) की गलती से RTGS के माध्यम से ₹1,60,000 की राशि एक अनजान खाते में ट्रांसफर हो गई थी। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के संज्ञान में मामला आते ही तुरंत जाँच के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप यह पूरी राशि आवेदक के खाते में सुरक्षित वापस आ गई।
RTGS में खाता नंबर की चूक: तेलंगाना पहुँच गई थी राशि
घनश्याम राजपुरिया ने जनवरी 2025 में कुरूद के ‘साहू एग्रो’ डीलर से एक नया आयशर ट्रैक्टर खरीदा था। ट्रैक्टर की कुल कीमत ₹7,50,000 में से उन्होंने ₹5,50,000 नकद दिए थे। शेष ₹2 लाख में से, ₹1,60,000 की राशि 12 जून 2025 को RTGS के माध्यम से ट्रांसफर की जानी थी। दुर्भाग्यवश, खाता नंबर गलत अंकित हो जाने के कारण, यह पूरी राशि एक अनजान व्यक्ति के खाते में चली गई।
पुलिस ने शिकायत को प्राथमिकता दी और जाँच के दौरान बैंक से संबंधित खाता विवरण प्राप्त किया। जाँच में पता चला कि वह खाता तेलंगाना के हैदराबाद स्थित मियापुर निवासी राजेन्द्र रेड्डी मराम का था।
पुलिस ने की मध्यस्थता: खाता धारक ने दिखाया सहयोग
धमतरी पुलिस ने बिना देरी किए केनरा बैंक के माध्यम से खाताधारक राजेन्द्र रेड्डी मराम से संपर्क स्थापित किया और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। अच्छी बात यह रही कि हैदराबाद के खाताधारक ने पूर्ण सहयोग दिखाया और किसी भी तरह की आनाकानी नहीं की। उन्होंने तुरंत ₹1,60,000/- की पूरी राशि आवेदक घनश्याम राजपुरिया के खाते में वापस कर दी।
राशि वापस मिल जाने के बाद प्रार्थी घनश्याम राजपुरिया ने पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार और धमतरी पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया और उनकी तत्परता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। यह घटना दर्शाती है कि पुलिस प्रशासन और बैंकिंग सिस्टम के सही समन्वय से आम नागरिकों को त्वरित और बड़ी मदद मिल सकती है।
Also Read: Dhamtari News: धमतरी में नशेड़ी दे रहे हैं लूट की घटनाओं को अंजाम



