
CG Gauthan Liquor Shop Dispute: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों गौठानों को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है। पिछली कांग्रेस सरकार ने आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए जिन गौठानों का निर्माण कराया था, अब उन जगहों पर शराब की दुकानें खोलने की खबरें आ रही हैं। राजनांदगांव में एक बंद पड़े गौठान में सरकारी शराब दुकान खोले जाने के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार गौ सेवा के बजाय राजस्व बढ़ाने के लिए शराब को बढ़ावा दे रही है।
गौ माता के घर में शराब की बिक्री पर छिड़ा विवाद
Rajnandgaon News: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गौ माता के संरक्षण के लिए पूरे प्रदेश में हजारों गौठान बनवाए थे ताकि पशु सुरक्षित रह सकें। बैज का आरोप है कि भाजपा सरकार ने इन गौठानों में जानबूझकर कमियां निकालीं और उन्हें बंद कर दिया। अब उन्हीं जगहों पर शराब भट्टियां खोली जा रही हैं जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार की प्राथमिकता अब गायों की सेवा की जगह शराब की बिक्री को बढ़ावा देना है।
पंचायत को मिल रहा है हर महीने 30 हजार का किराया
इस पूरे मामले में एक रोचक पहलू यह भी सामने आया है कि जिस जगह पर शराब दुकान खोली गई है, वह जमीन ग्राम पंचायत के अधीन आती है। जानकारी के अनुसार इस दुकान के संचालन के बदले शराब विभाग पंचायत को हर महीने 30 हजार रुपये का किराया दे रहा है। स्थानीय प्रशासन का तर्क है कि खाली पड़ी सरकारी इमारतों का उपयोग राजस्व बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि विपक्ष इसे भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताकर सरकार की सोच और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पिछली सरकार की योजना पर भ्रष्टाचार के आरोप
छत्तीसगढ़ में गाय और गौवंश की सुरक्षा हमेशा से ही एक बड़ा मुद्दा रहा है। पिछली सरकार ने राज्य में 10 हजार से ज्यादा गौठान बनाने का दावा किया था ताकि सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को सुरक्षित ठिकाना मिल सके। वहीं दूसरी तरफ भाजपा जब विपक्ष में थी तब उसने इसे भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा जरिया बताया था। सरकार बदलने के बाद अब भाजपा उन पुराने आरोपों के आधार पर कई गौठानों की समीक्षा कर रही है और उन्हें बंद करने का फैसला ले रही है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने विपक्ष के दावों को नकारा
विपक्ष के हमलावर तेवरों को देखते हुए राज्य के मंत्री टंकराम वर्मा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार गौ संवर्धन और विकास के बीच संतुलन बनाकर काम कर रही है। सरकार का कहना है कि वे केवल उन्हीं जगहों का उपयोग कर रहे हैं जो अनुपयोगी पड़ी हैं और इसका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। फिलहाल छत्तीसगढ़ में गाय और शराब के इर्द-गिर्द घूमती यह राजनीति आने वाले समय में और ज्यादा गर्मा सकती है।



