
Koriya Sushasan Tihar: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बेहद सख्त तेवर देखने को मिला है। शासकीय कामकाज में ढिलाई और जनता की शिकायतों को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही सहकारिता विभाग की अव्यवस्थाओं को लेकर जनता की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंचीं, उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए मंच से ही संबंधित अधिकारी को निलंबित (सस्पेंड) करने का फरमान सुना दिया। सीएम साय के इस आक्रामक रूप को देखकर पंडाल में मौजूद बाकी प्रशासनिक अमले और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया।
सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह तत्काल प्रभाव से सस्पेंड, लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
कोरिया जिले में सहकारिता संस्थाओं के सहायक आयुक्त के पद पर पदस्थ आयुष प्रताप सिंह के खिलाफ पिछले काफी समय से अपने शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरतने की शिकायतें मिल रही थीं। सुशासन तिहार के मंच पर जब ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने उनके काम करने के अड़ियल ढर्रे को उजागर किया, तो सीएम ने इस पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और विभागीय आला अफसरों को निर्देशित किया कि सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि जनता के काम में रोड़ा अटकाने वाले किसी भी लोकसेवक को बख्शा नहीं जाएगा।
खराब परीक्षा परिणाम को लेकर कलेक्टर को फटकार, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मांगा एक्शन प्लान
इसी मंच से मुख्यमंत्री ने जिले की चरमराती शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की। हाल ही में आए बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में कोरिया जिले का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने पर सीएम साय ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रति गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जिले के कलेक्टर को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि वे खुद इस मामले की निगरानी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कागजों पर समीक्षा करने के बजाय स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधारने के लिए एक ठोस और विस्तृत कार्ययोजना (एक्शन प्लान) तैयार की जाए ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारा जा सके।
पीएम आवास के काम में लाएं तेजी, हितग्राहियों को समय पर मकान सौंपने के कड़े निर्देश
सुशासन तिहार के इस चौपाल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र और राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बन रहे मकानों की प्रगति का जायजा भी लिया। उन्होंने मैदानी स्तर पर काम की सुस्त रफ्तार को देखकर असंतोष जताया। अफसरों को दो टूक लहजे में हिदायत दी गई कि जितने भी गरीब और पात्र परिवारों के पक्के मकान आधे-अधूरे पड़े हैं, उनके निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी राशि की उपलब्धता में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन आम लोगों को उनके आशियाने का लाभ समय पर मिलना ही चाहिए।
सीएम ने खुद सुनी आम जनता की समस्याएं, मौक़े पर ही दिए फाइलों के निपटारे के आदेश
कोरिया में सजी इस सरकारी चौपाल में मुख्यमंत्री किसी बड़े मंच पर बैठने के बजाय सीधे तौर पर आम नागरिकों के बीच पहुंचे। उन्होंने दूर-दराज के गांवों से आए बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं से बातचीत की और उनकी पारिवारिक व सामाजिक समस्याओं से जुड़े आवेदनों को स्वयं अपने हाथों में लिया। मुख्यमंत्री ने राजस्व, बिजली और पानी जैसी बुनियादी दिक्कतों को लेकर अफसरों को मंच के पास ही तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जनता को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसलिए सभी लंबित फाइलों का मौके पर ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।



