
CG Anganwadi Saree Supply Investigation: छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बांटी गई यूनिफॉर्म साड़ियों को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। साड़ियों की खराब गुणवत्ता की शिकायतें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। फिलहाल वर्ष 2025-26 के लिए साड़ियों के वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रदेश की करीब एक लाख महिला कर्मचारियों के मान-सम्मान से जुड़े इस मुद्दे ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद वितरण पर लगी रोक
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जैसे ही नई साड़ियां मिलीं, उनकी गुणवत्ता को लेकर पूरे प्रदेश से विरोध के स्वर उठने लगे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि साड़ियों का कपड़ा बेहद खराब है और यह यूनिफॉर्म के मानकों पर खरा नहीं उतरता। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में मुख्यमंत्री की सख्त नाराजगी के बाद खादी बोर्ड ने जांच कमेटी बनाई है। हालांकि, बोर्ड ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन मैदानी स्तर पर साड़ियों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
साढ़े 9 करोड़ का टेंडर और सूरजपुर के सप्लायर का कनेक्शन
इस पूरे विवाद के केंद्र में करीब साढ़े 9 करोड़ रुपये की सप्लाई है। जानकारी के मुताबिक, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने इन साड़ियों की आपूर्ति के लिए सूरजपुर जिले के एक सप्लायर को ठेका दिया था। अनुबंध के तहत एक साड़ी की कीमत लगभग 588 रुपये तय की गई थी। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी घटिया सामान की सप्लाई ने टेंडर प्रक्रिया और गुणवत्ता जांच (Quality Check) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच कमेटी इस बात की पड़ताल करेगी कि खराब कपड़ों को हरी झंडी कैसे मिली।
मंत्री के निर्देश: खराब साड़ियां वापस लें और नई व्यवस्था करें
मामले के तूल पकड़ते ही महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने राज्य के सभी जिला परियोजना अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जितनी भी खराब गुणवत्ता वाली साड़ियां बांटी गई हैं, उन्हें तत्काल वापस जमा कराया जाए। मंत्री ने विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि कार्यकर्ताओं को जल्द से जल्द अच्छी गुणवत्ता वाली नई साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं ताकि उनके काम में कोई बाधा न आए।
तकनीकी विशेषज्ञों की टीम करेगी साड़ियों का परीक्षण
विवाद को सुलझाने के लिए विभाग ने खादी बोर्ड को तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम साड़ियों के धागे, रंग और कपड़े की मजबूती का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण करेगी। विभाग का कहना है कि जब तक तकनीकी टीम अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती, तब तक किसी भी नए स्टॉक का वितरण नहीं किया जाएगा। इस सख्ती के बाद अब उन सप्लायर्स और अधिकारियों में हड़कंप है जो इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय और सुविधाओं पर चर्चा
इस घटना ने एक बार फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बुनियादी सुविधाओं की ओर ध्यान खींचा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाती हैं, ऐसे में उन्हें घटिया यूनिफॉर्म देना उनके काम का अनादर है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में किसे दोषी ठहराया जाता है और सरकार साढ़े 9 करोड़ रुपये के इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है।



