
रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 28 नवंबर को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। दोनों नेता नवा रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक आयोजित होने वाली 60वीं अखिल भारतीय डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे। वीवीआईपी के तीन दिवसीय प्रवास को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के लिए ठहरने और भोजन की विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं, जो उच्चतम मानकों के अनुरूप हैं।
पीएम के भोजन में होगा ताज़ा भाजी का स्वाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ की ताज़ी भाजियों का स्वाद चखेंगे। उनके भोजन में पालक, पत्तागोभी और फूलगोभी के साथ मेथी-सरसों और बथुआ भाजी जैसे स्थानीय व्यंजन शामिल होंगे। दोनों वीवीआईपी के लिए तीन दिनों तक का भोजन उन्हीं के ठहरने के स्थान पर तैयार होगा। इसके लिए एक बड़े होटल के शेफ से अनुबंध किया गया है, ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वाद उच्च स्तर का बना रहे।
पीएम और गृह मंत्री के लिए विशेष बंगले तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ठहरने के लिए नए स्पीकर हाउस एम-1 को वीवीआईपी मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह वित्त मंत्री आवास एम-11 में रुकेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री के लिए एम-11 को पूरी तरह से सुसज्जित कर दिया गया है और नए फर्नीचर लाए गए हैं। दोनों बंगले सुरक्षा और सुविधा के उच्चतम मानदंडों के आधार पर तैयार किए गए हैं।
एनएसए अजीत डोभाल सहित अन्य अधिकारियों का भी जमावड़ा
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी छत्तीसगढ़ आएंगे। उनके ठहरने के लिए नवीन सर्किट हाउस में कमरा तैयार किया गया है। वीवीआईपी के लिए यहां 6 सूइट रूम बनाए गए हैं। इनके साथ डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और केंद्रीय गृह राज्य मंत्रियों के ठहरने की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों के लिए विशेष व्यवस्था और कॉन्फ्रेंस हॉल
केंद्रीय गृहमंत्री के साथ आने वाले अधिकारियों के लिए कैंपस के भीतर ही अलग ठहरने की व्यवस्था की गई है। एम-11 आवास के साथ ही यहाँ मीटिंग के लिए कॉन्फ्रेंस हॉल भी बनाया गया है तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। वीआईपी मुलाकातों और बैठकों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है, जिससे कॉन्फ्रेंस और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चल सकें।



