CG Heatwave Alert: गर्मी का तांडव शुरू! रायपुर बना हॉटस्पॉट, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

CG Heatwave Alert: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में गर्मी ने कमर तोड़ दी है। सूरज मानो आग उगल रहा है और आसमान से अंगारे बरस रहे हैं। अभी अप्रैल का महीना ही है, लेकिन गर्मी मई-जून वाली रफ्तार पकड़ चुकी है। रायपुर में सोमवार को पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जो अब तक का सबसे ज्यादा तापमान रहा। मौसम विभाग ने साफ कह दिया है कि फिलहाल राहत की कोई उम्मीद मत पालिए, उल्टा अगले 48 घंटों में और तगड़ी गर्मी झेलने के लिए तैयार रहिए।

दोपहर को सन्नाटा, लोग घरों में कैद

जैसे ही घड़ी दोपहर के 12 बजाती है, सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। बाजारों में खरीदारों की जगह गर्म हवाएं घूम रही हैं। ऑफिस जाने वालों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं। दोपहर की लू ऐसी चल रही है कि छांव भी अब राहत नहीं देती।

बिलासपुर, महासमुंद और दुर्ग भी जल रहे हैं

रायपुर ही नहीं, पूरे प्रदेश में गर्मी का हाल बेहाल है। बिलासपुर में तापमान 43.0 डिग्री, महासमुंद में 42.5 डिग्री, दुर्ग में 42.1 डिग्री और राजनांदगांव में 41.5 डिग्री दर्ज किया गया। बिलासपुर और महासमुंद में तो तापमान सामान्य से करीब पांच डिग्री ज्यादा रहा। मतलब, मौसम ने साफ संकेत दे दिया है कि अब सावधानी बरतनी ही होगी।

मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 2 दिन संभल के

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। लू चलने की संभावना जताई गई है, खासकर दोपहर के समय। लोगों से अपील की गई है कि बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें और धूप में निकलते वक्त छाता, पानी की बोतल और गमछा जरूर साथ रखें।

सुकमा में मौसम ने ली करवट

गर्मी और उमस से बेहाल सुकमा जिले में सोमवार शाम को मौसम ने थोड़ा रंग बदला। तेज़ आंधी और बारिश ने लोगों को कुछ राहत दी। हवा चली, बारिश आई और लोगों ने चैन की सांस ली। लेकिन बाकी जिलों में अब भी हाल बेहाल है।

Also Read:अजय चंद्राकर का तीखा हमला: कहा – खुद को ज़िंदा रखने की कोशिश कर रही है कांग्रेस, हरकतें ‘भेड़िया आया, भेड़िया आया’ से आगे नहीं बढ़तीं

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button